भारत की प्राचीन आस्था और परंपरा से जुड़ा लोकपर्व छठ महापर्व अब वैश्विक पहचान की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि भारत सरकार ने छठ महापर्व को UNESCO की Intangible Cultural Heritage List में शामिल कराने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छठ महापर्व को लेकर की बड़ी घोषणा, ग्लोबल बनेगा अपना छठ@narendramodi pic.twitter.com/PKQwSW2CTa
— Muzaffarpur Now (@muzaffarpurlive) September 28, 2025

आस्था से पर्यावरण तक का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छठ महापर्व केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य उपासना, जल एवं पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पर्व को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने से भारत की प्राचीन लोक परंपराओं को विश्व मंच पर नया सम्मान मिलेगा।

समाज से सकारात्मक प्रतिक्रिया
इस घोषणा का स्वागत करते हुए Chhathi Maiya Foundation के चेयरमैन एवं सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट श्री संदीप कुमार दुबे ने कहा—
“प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में जिस गर्व के साथ छठ महापर्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का संकल्प साझा किया है, वह हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। यह निर्णय न केवल बिहार एवं पूर्वांचल की आस्था का सम्मान है, बल्कि सूर्य उपासना और पर्यावरण संतुलन के संदेश को विश्वभर में पहुँचाने का अवसर है।”

उन्होंने आगे कहा कि फाउंडेशन इस ऐतिहासिक कदम का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा और विश्वभर में भारतीय प्रवासी समुदाय को जोड़कर छठ महापर्व की महिमा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाएगा।
विशेषज्ञों की राय
सांस्कृतिक विशेषज्ञों का मानना है कि UNESCO की सूची में छठ महापर्व का दर्ज होना भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। यह न केवल बिहार और पूर्वांचल की लोक-परंपराओं का गौरव बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस स्वरूप को भी वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा जिसमें मानव, प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम झलकता है।











