गर्मी की शुरुआत से पहले ही मुजफ्फरपुर जिले में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में प्रशासन ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। जिले में शुद्ध और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत और पेयजल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय परिसर से कुल 16 मरम्मती दलों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित क्षेत्रों के लिए रवाना किया। ये दल जिले के विभिन्न प्रखंडों में जाकर खराब पड़े चापाकलों की पहचान करेंगे और उनकी मरम्मत करेंगे। जहां चापाकल अत्यधिक जर्जर स्थिति में हैं, वहां उन्हें हटाकर नई व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि सभी प्रखंडों में मरम्मत कार्य की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी व्यक्ति को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी चापाकल खराब अवस्था में न पड़ा रहे।

प्रत्येक प्रखंड में मरम्मत टीम की तैनाती
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक वाहन के साथ तीन मैकेनिकों की टीम तैनात की गई है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करेंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी टीमों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करना होगा और पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
अधिक पंचायत वाले प्रखंडों में अतिरिक्त टीम
जिन प्रखंडों में पंचायतों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त मरम्मती टीमों की तैनाती की जा रही है। मुजफ्फरपुर डिवीजन के अंतर्गत मुसहरी, सकरा, औराई, गायघाट और कटरा प्रखंडों में दो-दो टीमों को लगाया गया है।

इसी तरह मोतीपुर डिवीजन के अंतर्गत कुढ़नी, सरैया, मोतीपुर, पारु और मीनापुर प्रखंडों में भी दो-दो मरम्मती दलों को तैनात किया गया है। इन टीमों का लक्ष्य अभियान चलाकर सभी खराब चापाकलों को जल्द से जल्द दुरुस्त करना है।
नल-जल योजना की शिकायतों के लिए भी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत घर-घर लगाए गए नलों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। आम लोग अपनी शिकायत या सुझाव टोल फ्री नंबर 18001231121 और 18003451121 पर दर्ज करा सकते हैं।

इसके अलावा पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए दो नियंत्रण कक्ष भी बनाए गए हैं।
• मुजफ्फरपुर डिवीजन: 0621-2242445
• मोतीपुर डिवीजन: 06223-291255
लोग अपनी शिकायत एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भी 8544429082 और 8544429024 नंबर पर भेज सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय वार्ड संख्या, गांव, पंचायत, प्रखंड, जिला, शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर और समस्या का प्रकार स्पष्ट रूप से लिखना आवश्यक होगा।

पंचायत स्तर पर भी निगरानी
पंचायत स्तर पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विकास मित्र और पंचायत सचिवों को भी जिम्मेदारी दी गई है। ये कर्मी अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर खराब चापाकलों की सूची तैयार कर रहे हैं, ताकि मरम्मती टीमों को सही स्थानों पर भेजकर समस्या का जल्द समाधान किया जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इसी महीने के भीतर अधिकतम खराब चापाकलों की मरम्मत पूरी कर ली जाए। साथ ही जहां घरों में लगाए गए नलों में तकनीकी समस्या है, उन्हें भी जल्द ठीक किया जाए।
जिला प्रशासन का मानना है कि गर्मी के मौसम से पहले चलाया जा रहा यह विशेष अभियान संभावित पेयजल संकट को टालने में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गर्मी के दौरान शुद्ध और पर्याप्त पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके।







