बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का ऐलान होते ही आचार संहिता उल्लंघन के मामले सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का पहला मामला दर्ज किया गया है।
आचार संहिता के बाबजूद पप्पू यादव ने रूपये बांटे….#PappuYadav pic.twitter.com/wIm1V7T4H1
— NDTV India (@ndtvindia) October 10, 2025
मिली जानकारी के अनुसार, सहदेई बुजुर्ग प्रखंड क्षेत्र के नयागांव पश्चिमी पंचायत के गनियारी गांव में सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ और कटाव से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में नकद राशि दी। बताया गया कि उन्होंने करीब 80 परिवारों को चार-चार हजार रुपये की मदद दी थी। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।

सीओ के आवेदन पर सहदेई थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। महनार के एसडीओ नीरज कुमार ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान सांसद ने कहा कि गनियारी में कटाव से 150 से अधिक परिवार बेघर हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या चुनाव आयोग के डर से गरीबों की मदद करना बंद कर दूं?”

सांसद ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “आप दोनों इसी इलाके के हैं, आपके ही लोग संकट में हैं — कम से कम उन्हें देखने आ जाते।”

इस घटना के बाद पप्पू यादव का बयान और एफआईआर, दोनों ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। प्रशासन अब यह जांच करेगा कि सांसद की ओर से दी गई आर्थिक सहायता चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है या मानवीय सहायता के दायरे में आती है।











