बिहार सरकार ने राज्य के छह प्रमुख शहरों में रिंग रोड निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। पटना के बाद अब मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय में रिंग रोड बनाया जाएगा। शुक्रवार को पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए इस योजना की घोषणा की। जल्द ही इस परियोजना पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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पथ निर्माण विभाग के लिए 68 अरब छह करोड़ 53 लाख 49 हजार रुपये का बजट सदन में पारित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी मौजूद थे। हालाँकि, विपक्ष ने मंत्री के उत्तर से असंतुष्ट होकर सदन का बहिष्कार कर दिया।
सड़क परियोजनाओं को लेकर बड़ा लक्ष्य
मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि अगले तीन से चार महीनों में राज्य के किसी भी हिस्से से पांच घंटे में पहुंचने की योजना पूरी कर ली जाएगी। 2027 तक चार घंटे और 2035 तक राज्य के किसी भी कोने से तीन घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में विकसित भारत 2047 का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें 5000 किलोमीटर की सिंगल लेन सड़कों को दो या अधिक लेन में विस्तारित किया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक 20 किलोमीटर की दूरी पर चार लेन की सड़कें उपलब्ध कराई जाएंगी।
बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट के तहत सड़क निर्माण
बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट फेज-1 के तहत 2900 करोड़ रुपये की लागत से 225 किलोमीटर की पांच सड़क योजनाओं पर काम किया जाएगा। फेज-2 में 6287 करोड़ रुपये की लागत से 493 किलोमीटर की सड़क परियोजनाओं को विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 137 पथ निर्माण योजनाओं पर अगले तीन महीनों में काम शुरू होगा। इन योजनाओं पर 23,375 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 23 बाईपास का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 2000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वहीं, 6000 करोड़ रुपये की लागत से जेपी गंगा पथ का विस्तार कोईलवर से मोकामा तक किया जाएगा।
केंद्र सरकार से मिली स्वीकृति
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने बिहार की सड़क परियोजनाओं के लिए 2.48 लाख करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी है। इसमें गोरखपुर-सिलीगुड़ी, पटना-पूर्णिया और मोकामा-मुंगेर सड़क निर्माण पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, नाबार्ड से 1000 करोड़ रुपये और सीआरआईएफ से 600 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है।
पुलों के रखरखाव के लिए सरकार एक नई नीति तैयार कर रही है, जो आगामी तीन से चार महीनों में लागू होगी। इस नीति के तहत सरकार और निजी कंपनियों के सहयोग से सड़क निर्माण एवं रखरखाव किया जाएगा।
इस बजट सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष के विभिन्न नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए, जिनमें समीर कुमार महासेठ, सुरेंद्र राम, मिथिलेश कुमार, ऋषि कुमार, ललित नारायण मंडल, श्रेयसी सिंह, गोपाल रविदास, अनिल कुमार, सत्येंद्र यादव, सूर्यकांत पासवान, अख्तरूल इस्लाम शाहीन, सतीश दास, लखेन्द्र कुमार रौशन और राजकुमार सिंह शामिल रहे।