बालिका गृह केस: SC ने लगाई फटकार तो CM नीतीश ने कही ये बात, लालू ने कसा तंज

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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने इस केस को पटना से दिल्ली के साकेत पास्को कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। साथ ही, जज को निर्देश दिया है कि दो हफ्तों में इस मामले की सुनवाई शुरू करें और छह महीने के अंदर ट्रायल पूरा करें।

सीएम नीतीश ने कहा-मैं खुद लूंगा जानकारी

इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि इस मामले के बारे में पता करेंगे, अगर कोई बात है तो उसे समझकर दूर किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की बातों की अवहेलना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी मैं खुद लूंगा। इसपर राजद लालू प्रसाद ने तंज कसते हुए कहा कि-का हो नीतीश? कुछ शर्म बचल बा कि नाहीं…

उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी  ने कहा कि समय पर साक्ष्य के कोर्ट नहीं पहुंचने की पड़ताल कराएंगे। बिहार सरकार कोर्ट के आदेश का पालन करेगी।

तेजस्वी ने कहा-नीतीश जी बलात्कारियों के असल संरक्षक है

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लिखा कि मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले में बिहार सरकार को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार लगाई है। नीतीश जी की अंतरात्मा गंगा में डूब बंगाल की खाड़ी में समाहित हो गयी है। इतनी कड़ी टिप्पणी के बाद भी सीएम चुप्पी साधे हुए है। नीतीश जी बलात्कारियों के असल संरक्षक है।मधुबनी शेल्टर होम भी इनके ख़ास का है।

चीफ जस्टिस ने कहा-चीफ सेक्रेट्री को दो घंटे में कोर्ट में खड़ा करें

मामले की कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने बिहार सरकार को कहा कि दोपहर दो बजे सभी सवालों के जवाब के साथ कोर्ट में हाजिर हों। इस दौरान कोर्ट ने सीबीआई को भी पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली से पटना सिर्फ दो घंटे का रास्ता है। हम चीफ सेक्रेट्री को दो घंटे के अंदर कोर्ट में खड़ा कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने की तल्ख टिप्पणी-सरकार आप चला रहे, हम नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव कैसे किया जा सकता है। अब बहुत हो चुका। सरकार आप चला रहे हैं, हम नहीं। लेकिन सवाल यह उठता है कि आप बिहार में किस तरह से सरकार चला रहे हैं।

सीबीआइ अधिकारी का क्यों किया गया ट्रांसफर

कोर्ट ने मामले की जांच कर रहे सीबीआइ अधिकारी एके शर्मा के ट्रांसफर को लेकर भी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस ने पूछा- क्या कैबिनेट कमेटी, जिसने अधिकारी का तबादला किया उन्हें कोर्ट के आदेश की जानकारी दी गई थी? पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले की जांच होने तक किसी भी अधिकारी के तबादला नहीं करने को लेकर आदेश दिया था।

Input : Dainik Jagran