बिहार की राजनीति में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह एक बार फिर से चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। लंबे समय बाद वे सक्रिय राजनीति में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के ज़रिए यह घोषणा की कि वे जेडीयू के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट (178) से 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में नामांकन करेंगे।

अनंत सिंह ने बताया कि वे 14 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे। फिलहाल मोकामा सीट से उनकी पत्नी नीलम देवी विधायक हैं, जिन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 में एनडीए सरकार के शक्ति परीक्षण के दौरान उन्होंने सत्तापक्ष का समर्थन करते हुए पाला बदल लिया था।

फेसबुक पोस्ट में अनंत सिंह ने लिखा
“लोकतंत्र के महापर्व #BiharElection2025 में मोकामा विधानसभा क्षेत्र 178 से हमारे नामांकन समारोह में आप सभी जनता मालिक सादर आमंत्रित हैं। यह हमारे लिए गौरव और संकल्प की बेला है। जनता मालिकों से निवेदन है कि आशीर्वाद और समर्थन दें ताकि यह यात्रा जनहित और न्याय के मार्ग पर सफल हो सके।”

इस ऐलान के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि अनंत सिंह अब एक बार फिर से मुख्यधारा की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं।
अनंत सिंह अगस्त 2025 में पटना के बेऊर जेल से रिहा हुए थे। जेल से बाहर आते ही उन्होंने कहा था कि वे अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से लड़ेंगे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा था,
“नीतीश जी ने जनता के लिए बहुत काम किया है और आने वाले 25 साल तक और काम करेंगे।”

अनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली और विवादास्पद चेहरा माने जाते हैं। मोकामा विधानसभा सीट पर उनका गहरा जनाधार है और क्षेत्र में उन्हें ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाना जाता है। वे कई बार विधायक रह चुके हैं और अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।
इस साल की शुरुआत में अनंत सिंह को पंचमहला थाना क्षेत्र में दर्ज केस संख्या 5/2025 (सोनू-मोनू केस) में गिरफ्तार किया गया था। उन पर हत्या की साजिश, फायरिंग करवाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोप लगे थे। यह मामला स्थानीय सोनू-मोनू गैंग से जुड़ी पुरानी रंजिश से संबंधित बताया गया था।

पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के बीच बढ़ते तनाव में फायरिंग की घटना हुई थी, जिसे बाद में गैंगवार की संज्ञा दी गई। हालांकि, कुछ महीनों बाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह जेल से बाहर आ गए।
अब अनंत सिंह की यह घोषणा बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकती है। मोकामा सीट पर जेडीयू और आरजेडी दोनों के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा की लड़ाई बनने वाला है।









