मुजफ्फरपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन लगातार सक्रिय हैं। इसी क्रम में उन्होंने सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर में डॉक्टरों की उपस्थिति की जांच कराई।

जांच के दौरान पाया गया कि रोस्टर ड्यूटी के अनुसार निश्चेतक डॉ. राजीव रंजन (पीजी बांड) एवं डॉ. विनय कुमार बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित थे। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिलाधिकारी ने दोनों डॉक्टरों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और उनसे कारण पूछा है।

डीएम ने बताया कि डॉक्टरों की गैरहाज़िरी के कारण एक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की समय पर सर्जरी नहीं हो सकी, जिससे उसकी जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने इसे मरीजों के प्रति असंवेदनशीलता और कर्तव्यहीनता का गंभीर उदाहरण बताया।

इसके अतिरिक्त, यह भी सामने आया है कि मई 2025 से जुलाई 2025 तक क्रमश: 23, 22 और 35 मरीजों को रेफर किया गया, जबकि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में महिला चिकित्सक और निश्चेतक तैनात हैं। यह स्थिति न केवल इलाज में लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक छवि को भी प्रभावित करती है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मरीजों की उपेक्षा और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों डॉक्टरों से पत्र प्राप्त होते ही स्पष्टीकरण मांगा गया है और अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो निलंबन की अनुशंसा की जाएगी।

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