जिले के विकास के लिए उद्योग विभाग ने 50 एकड़ जमीन में टेक्सटाइल पार्क बनाने का निर्णय लिया है। उद्योग विभाग ने इसके लिए शुक्रवार को पटना में डीएम मो. सोहैल व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें जिले की विकास दर में तीन फीसदी बढ़ोतरी के लिए कई कार्ययेाजना पर विचार हुआ। साथ ही इसके कार्यान्वयन के लिए एक माह का समय तय किया गया। डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान मुजफ्फरपुर को लेकर टास्क फोर्स कमेटी की बैठक उद्योग विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले के आर्थिक विकास को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। डीएम ने बताया कि जिले के आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से 50 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए भूमि लीज पर ली जाएगी। पार्क में टेक्सटाइल फैक्ट्री लगाई जाएगी। इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और जिले को इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिलेगी। बैठक में जिले में लहठी के उद्योग को विकसित करने के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। इसके लिए बियाडा क्षेत्र में कॉमन फैसिलिटी सेंटर -सह-प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया जाएगा। इसमें इस क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्यमियों को बेहतर किस्म की लहठी निर्माण के प्रशिक्षण देने के साथ -साथ उनके लिये मार्केटिंग की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। लाह की चूड़ी (लहठी) निर्माण के लिए आधुनिक मशीन भी स्थापित किये जायेंगे। लहठी उत्पादन के साथ-साथ उसकी बिक्री भी की जाएगी। बियाडा क्षेत्र के अतिरिक्त बखरी और झपहा में भी केंद्र खोले जाएंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग की भी सहायता ली जाएगी। साथ ही डिजाइनिंग और पैकेजिंग का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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1. जिले की विकास दर को तीन फीसदी बढ़ाने को कई योजनाओं पर विचार

2. एक माह में शुरू होगा कार्यान्वयन, लीची, लहठी, मधु व मत्स्यपालन भी शामिल

25 दिसंबर को हुई थी डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान की बैठक

जिले में शहद के उत्पादन को और गति देने के उद्देश्य से बियाडा क्षेत्र और मीनापुर मे सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। इसका प्रोसेसिंग यूनिट का भी निर्माण किया जाएगा। शहद की गुणवत्ता जांचने के लिए गुणवत्ता जांच मशीन भी स्थापित की जाएगी। शहद की बेहतर पैकेजिंग के लिए पैकेजिंग मशीन भी लगाई जाएंगी।

बैठक में जिले में मत्स्य उत्पादन को और अधिक गति देने के उद्देश्य से भी अहम निर्णय लिये गये। इसके तहत मॉडल के रूप में कुछ बड़े जलस्रोतों को लिया जाएगा और उसे विकसित किया जाएगा। उक्त सभी निर्णयों को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया एक माह के अंदर शुरू कर दी जाएगी। मालूम हो कि पिछले माह 25 दिसंबर को डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान की बैठक में टेक्सटाइल गारमेंट्स, मत्स्यपालन, लहठी उद्योग, हनी प्रोसेसिंग इत्यादि पर विशेष फोकस किया गया था।

Input : Hindustan