मुजफ्फरपुर। शहर में रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुई शिक्षिका आशा मिंज का शव मिठनपुरा थाना क्षेत्र के मिस्कॉट के पास रेल की पटरियों से बरामद हुआ। 58 वर्षीय आशा मिंज झारखंड की रहने वाली थीं और 2012 से तालिमी मरकज में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। हाल के दिनों में उन्हें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
परिवार के अनुसार शुक्रवार शाम आशा मिंज अपने भतीजे के साथ बीएलओ का काम खत्म कर घर लौटी थीं। घर पहुंचने के बाद वे अपने कमरे में गईं, लेकिन मोबाइल और बैग छोड़कर अचानक बाहर निकल गईं। देर रात तक जब वे वापस नहीं लौटीं तो परिजनों ने तलाश शुरू की और अगले दिन काजी मोहम्मदपुर थाना को इसकी सूचना दी।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि आशा मिंज को बीएलओ कार्य के दौरान पर्यवेक्षक और पुराने बीएलओ का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा था। लगातार दफ्तर के चक्कर लगाने, देर रात तक फोन कॉल्स और कार्यालय में उपहास का शिकार होने के कारण वे मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। कई बार उन्होंने इस दबाव के चलते इस्तीफा देने की इच्छा भी व्यक्त की थी।

मिठनपुरा थानाध्यक्ष संतोष पंकज ने बताया कि शव रेल की पटरी से मिला है और मामले की जांच के लिए यूडी केस दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
वहीं, सिटी एसपी पश्चिम किरण कुमार ने कहा कि परिजनों ने शव की पहचान कपड़ों और फोटो के आधार पर की है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

परिवार ने आशा मिंज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और कार्य में सहयोग न करने वाले संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
Input : ETV Bihar









