वैशाली: बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के नेतृत्व में चल रहे लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के तहत नमस्ते बिहार : पंचम बृहत जनसंवाद का आयोजन वैशाली में हुआ। इस ऐतिहासिक सभा में हजारों लोगों ने जाति-संप्रदाय और विचारधारा से ऊपर उठकर 2047 तक विकसित बिहार के निर्माण का संकल्प लिया।
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सभा को संबोधित करते हुए विकास वैभव ने कहा कि वैशाली के उत्थान और पतन की कहानी में ही बिहार के वर्तमान हालात का रहस्य छिपा है। उन्होंने बताया कि कैसे वैशाली, जो विश्व का पहला गणराज्य था, अपनी एकता, शिक्षा और उद्यमिता के बल पर समृद्ध हुआ, लेकिन आंतरिक फूट और षड्यंत्रों के कारण पतन को मजबूर हुआ।
उन्होंने कहा, “आज बिहार को भी तोड़ने के लिए कई कुटिल वस्साकार (षड्यंत्रकारी) सक्रिय हैं, जिन्हें पहचानकर दूर करना जरूरी है। बिहार का भविष्य शिक्षा, समता और उद्यमिता में निहित है, और हमें इसी सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।”
उद्यमिता की क्रांति से होगा बिहार का विकास
विकास वैभव ने कहा कि बिहार की प्रगति केवल स्टार्टअप और उद्यमिता की क्रांति से संभव है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खुद को बदलाव का वाहक बनाएं और बिहार में लाखों स्टार्टअप शुरू करने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करें।
इतिहास से सीख, भविष्य की राह
सभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज जैसी यूनिवर्सिटी की कल्पना भी नहीं थी, तब बिहार की मिट्टी ने नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय दिए थे। लेकिन आज हमें अपने गौरवशाली इतिहास से सीखकर, बिहार को फिर से शिक्षा और उद्योग का केंद्र बनाना होगा।
हजारों की भीड़ ने गूंजाया ‘मैं बदलूंगा बिहार!’
सभा में मौजूद हजारों लोगों ने एकजुट होकर संकल्प लिया—
“मैं बदलूंगा बिहार! मैं करूंगा अपने पूर्वजों की भूमि का पुनरुद्धार!”
कार्यक्रम में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण पुरातत्ववेत्ता सुजीत नयन, उद्यमिता विशेषज्ञ मोहन कुमार झा, प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक कुमार सत्यम समेत कई विशिष्ट लोग उपस्थित थे।
लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान अब सिर्फ एक मुहिम नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं का आंदोलन बन चुका है, जिसका लक्ष्य है— एक समृद्ध, शिक्षित और विकसित बिहार!