लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में मंगलवार को आए एक भीषण हिमस्खलन में भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए। यह हादसा उत्तरी ग्लेशियर क्षेत्र में हुआ, जहां ऊंचाई 18,000 से 20,000 फीट तक है। घटना के तुरंत बाद सेना की बचाव टीमें सक्रिय हो गईं और लेह व उधमपुर से अतिरिक्त मदद मंगाई गई है।
Avalanche hits Siachen base camp in Ladakh; three soldiers killed: Officials. pic.twitter.com/VxDmUyEQIv
— Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2025
सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र है, जहां सैनिकों को -60 डिग्री सेल्सियस तक की कड़ाके की ठंड, तेज हवाओं और बर्फीले तूफानों का सामना करना पड़ता है। यहां दुश्मन के साथ-साथ मौसम भी सबसे बड़ी चुनौती है।
1984 में ऑपरेशन मेघदूत की शुरुआत के बाद से भारतीय सेना ने सियाचिन पर नियंत्रण बनाए रखा है। लेकिन इस दौरान अब तक 1,000 से अधिक जवान मौसम संबंधी कठिन परिस्थितियों में शहादत दे चुके हैं। हालिया घटना ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि सियाचिन पर डटे सैनिक किस तरह असाधारण साहस और त्याग के साथ देश की सुरक्षा कर रहे हैं।












