चलते वाहन की चाबी नहीं निकाल सकती पुलिस, सिर्फ इनका है चालान करने का अधिकार
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चलते वाहन की चाबी नहीं निकाल सकती पुलिस, सिर्फ इनका है चालान करने का अधिकार

Santosh Chaudhary

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इन दिनों अगर आप अपने दो पहिया वाहन से किसी चेकिंग प्वॉइंट के सामने से गुजर रहे हैं और ऐसे में कोई पुलिसकर्मी आपको चेकिंग के लिए रोकने के लिए हाथ पकड़ता है या फिर चलती गाड़ी से चाबी खींचने का प्रयास करता है। तो बता दें, यह गलत है। आप इसकी शिकायत भी कर सकते हैं। बता दें, सामान्य परिस्थितियों में ट्रैफिक पुलिस को सिर्फ इतना ही अधिकार है कि वह आपको इशारा करके रोक सकते हैं। इसके अलावा वह किसी भी तरह आपसे जबरदस्ती नहीं कर सकते।

शहर में वाहन चलाने वालों के लिए जब भी यातायात नियमों के पालन की बात होती है तो सबसे पहले चालान की बात होती है। पर कुछ नियम ऐसे भी होते हैं जो वाहन चलाने वालों की मदद के लिए भी हैं। इन नियमों की जानकारी भी वाहन चालकों को उतना ही होना जरूरी है जितना कि चालान की रकम। सड़कों पर आप वाहन चला रहे हैं तो सबसे ज्यादा झगड़े पुलिस के चलती गाड़ी से जबरन चाबी खींचना या हाथ पकड़कर रोकने की घटनाओं से सामने आता है, जिससे वाहन चालक दुघर्टना ग्रस्त भी हो सकता है।

चलते वाहन की चाबी नहीं निकाल सकती पुलिस, सिर्फ इनका है चालान करने का अधिकार

सामान्य हालात में यह नहीं कर सकती पुलिस

– चलती गाड़ी से चाबी खींचकर आपको नहीं रोक सकती।

– सामने से आते वाहन को रोकने के लिए चलते वाहन पर चालक का हाथ नहीं पकड़ सकती।

– चार पहिया वाहन के सामने अचानक बैरीकेड्स नहीं लगा सकती।

आप कर सकते हैं शिकायत

यदि सड़क पर चाबी खींचकर या दबाव देकर पुलिस जवान या ट्रैफिक वार्डन आपको रोकते हैं तो वाहन चालक के पास अधिकार होता है कि वह वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी शिकायत कर सकते हैं।

कौन कर सकता है वाहन चालक पर चालान

शहर में अक्सर देखा होगा कि सिपाही या हवलदार या असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर स्तर के पुलिसकर्मी हाथ में चालान का कट्टा लेकर कार्रवाई करते रहते हैं। पर यहां भी आपको अपने अधिकारों को जानना जरूरी है। यदि किसी भी चेकिंग प्वॉइंट पर सब इंस्पेक्टर या उससे ऊपर का अधिकारी आप पर चालान करता है तो यह ठीक है।

पर सब इस्पेक्टर से नीचे की रैंक के पुलिसकर्मी कहीं भी चालान नहीं काट सकते हैं। इसलिए जरूरी होता है कि ऐसे चेकिंग प्वाइंट जहां पर ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों को यातायात के नियम पूरे न करने पर चालान की कार्रवाई कर रही है। वहां इंचार्ज में सब इंस्पेक्टर या उससे ऊंची रैंक के अधिकारी का होना जरूरी है।

 

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अब झारखंड की किराना दुकानों में भी श’राब बेचने का प्रस्ताव

Santosh Chaudhary

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रांची : उत्पाद विभाग राज्य के छोटे शहरों या कस्बों की किराना दुकानों में भी श’राब बेचना चाहती है. इसके लिए झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली 2018 के नियमाें में संशोधन करने का प्रस्ताव बनाया गया है.

प्रस्ताव को कैबिनेट में भेजने से पूर्व मुख्यमंत्री (मुख्यमंत्री उत्पाद विभाग के मंत्री भी हैं) की स्वीकृति के लिए भेजा गया था. मुख्यमंत्री सचिवालय ने नगर पर्षद एवं नगर पंचायतों किराना दुकानों में शराब बेचने की आवश्यकता की समीक्षा करते हुए फिर से प्रस्ताव भेजने का आदेश दिया है. किन दुकानों पर मिलेगी शराब : उत्पाद विभाग द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव में राज्य के सभी नगर निकायों में सालाना 30 लाख रुपये का जीएसटी रिटर्न भरने वाले किराना दुकानों को शराब बेचने की अनुमति प्रदान करने की बात कही गयी है. प्रस्ताव में उल्लेखित सभी नगर निकायों से मतलब नगर निगम, नगर पर्षद व नगर पंचायत से है. कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद राज्य के सभी शहरी इलाकों की परचून या किराना दुकान लाइसेंस लेकर बीयर या शराब की खुदरा बिक्री कर सकेंगे. ऐसी दुकानों को उत्पाद विभाग का कोटा निर्धारित नहीं होने का भी फायदा मिलेगा. अभी केवल नगर निगम में दुकानों पर शराब बेचने का प्रावधान : राज्य में लागू झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली 2018 के मुताबिक, सालाना 50 लाख का जीएसटी रिटर्न दाखिल करनेवाले प्रतिष्ठानों में ही शराब बेचने की अनुमति प्रदान की गयी है.

हालांकि, उत्पाद विभाग ने व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों में शराब बेचने के लिए रुचि नहीं लिये जाने की वजह से जीएसटी रिटर्न में कमी करने का फैसला लिया है. पूर्व में निर्धारित जीएसटी रिटर्न में 20 लाख रुपये की कमी करने का प्रस्ताव तैयार किया है.

Input : Prabhat Khabar

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आपका ATM कार्ड बुरे वक्त में देगा साथ, मिल जाएंगे 10 लाख रुपए

Ravi Pratap

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आपको ये जानकार हैरानी होगी कि बैंकों (Banks) की ओर जारी किए जाने वाले RuPay कार्ड पर आपको मुफ्त में 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस भी मिलता है. आइए जानें इससे जुड़ी सभी काम की बातें।

आप अक्सर अपने एटीएम (ATM) कार्ड का इस्तेमाल कैश निकलाने या फिर शॉपिंग के लिए करते हैं. लेकिन आपको ये जानकार हैरानी होगी कि बैंकों की ओर जारी किए जाने वाले RuPay कार्ड पर आपको मुफ्त में 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस (Free Insurance) भी मिलता है. वहीं, देश के किसी भी बैंक में खाता (Bank Account) खुलवाने पर भी आपको ये मुफ्त में मिलता है. आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने देश में कैशलेस इकोनॉमी (Cashless Economy) को बढ़ावा देने के लिए इसकी शुरुआत की है.

पहला रूपे ग्लोबल कार्ड वर्ष 2014 में जारी किया गया था. एनपीसीआई (NPCI) देश में रूपे कार्ड नेटवर्क का प्रबंधन करता है. एनपीसीआई द्वारा जारी किये जाने वाले रूपे ग्लोबल कार्ड्स डिस्कवर नेटवर्क पर चलते हैं, जब इनका उपयोग भारत से बाहर किया जाता है. इस साझेदारी से भारत के देशी कार्ड भुगतान नेटवर्क रूपे को दुनिया भर में अपना विस्तार करने में मदद मिली.

मौजूदा समय में रूपे ग्लोबल कार्ड्स पांच वैरिएंट्स में जारी किये जाते हैं. रूपे क्लासिक डेबिट कार्ड, रूपे क्लासिक क्रेडिट कार्ड, रूपे प्लेटिनम डेबिट कार्ड, रूपे प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड और रूपे सेलेक्ट क्रेडिट कार्ड. उन्होंने बताया कि रूपे सेलेक्ट क्रेडिट कार्ड में कई तरह की सुविधा दी जाती हैं.

रुपे यह अंग्रेजी के दो शब्‍दों से मि‍लकर बना है रुपए और पे. अभी जो वीजा या मास्‍टर डेबि‍ट कार्ड हम आमतौर पर यूज कर रहे हैं उनका पेमेंट सि‍स्‍टम वि‍देशी है.

इसके लि‍ए हमें फीस चुकानी पड़ती है और वि‍देशों पर डि‍पेंड भी रहना पड़ता है, जबकि‍ अब भारत के पास हर तरह की तकनीक उपलब्‍ध है.

इसलि‍ए रुपे (RuPay) कार्ड लॉन्‍च कि‍या गया है. यह दूसरे कार्ड के मुकाबले सस्‍ता है. नेशनल पमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडि‍या ने इसकी पहल की है. इंश्‍योरेंस की रकम भी यही देता है.

मुफ्त में मिलेगा 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस- रूपे सेलेक्ट क्रेडिट कार्ड (RuPay Select Credit Card) के साथ 10 लाख रुपये की कीमत का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर दिया जाता है. विदेश में कार्ड का उपयोग करने पर, एटीएम पर 5 प्रतिशत कैशबैक और पीओएस पर 10 प्रतिशत कैशबैक दिया जाता है.

दुनिया भर के 700 से अधिक लाउंज और भारत के 30 से अधिक लाउंज के लिए फ्री में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय लाउंज मिलते है.

कैसे मिलेगा ये RuPay कार्ड- आपको बता दें कि SBI और PNB सहि‍त सभी प्रमुख सरकारी बैंक यह कार्ड जारी करते हैं.

HDFC, ICICI बैंक, एक्‍सि‍स बैंक सहि‍त ज्‍यादातर प्राइवेट बैंक भी यह कार्ड जारी कर रहे हैं. आप अपने बैंक से इस बारे में पूछताछ कर सकते हैं.

एक्‍सीडेंट में मौत हो जाने या परमानेंट डि‍सएबि‍लि‍टी हो जाने पर इंश्‍योरेंस कवर मि‍लता है. रुपे कार्ड दो तरह का होता है – क्‍लासि‍क और प्रीमि‍यम. क्‍लासि‍क कार्ड पर एक लाख रुपए का कवर है और प्रीमि‍यम पर 10 लाख रुपये तक का कवर मि‍लता है.

अधिक जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें: https://www.rupay.co.in/sites/all/themes/rupay/document/Insurance-Cover-RuPay-Debit-Cards.pdf लिंक पर विजिट करें.

Input : News18

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दिल्ली: AIIMS की पांचवीं मंजिल तक पहुंची आग पर काबू, सभी मरीज सुरक्षित

Ravi Pratap

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देश की राजधानी दिल्ली के जाने-माने अस्पताल एम्स में आज भीषण आग लग गई. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है. आग पहले और दूसरे फ्लोर पर लगी. दमकल की 34 गाड़‍ियों की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था, लेकिन आग तीसरी से होते हुए पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई. जिसे काफी मशक्कत के बाद काबू किया गया हालांकि अभी भी धुआं उठ रहा है. आग की इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

एम्स के टीचिंग ब्लॉक में ये आग लगी. फायर डिपार्टमेंट की 34 गाड़ियां और करीब 150 दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया. एहतियात के तौर पर एम्स का इमरजेंसी विभाग बंद कर दिया गया और अच्छी बात यह है कि सभी मरीज सुरक्ष‍ित हैं.

 

दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर विपिन केंटल ने बताया कि एम्स के टीचिंग ब्लॉक में ओपीडी और न्यूरोलॉजी ब्लॉक भी है. ओपीडी ब्लॉक में ज्यादा मरीज नहीं थे, लेकिन उसके साथ वाले ब्लॉक से 13 मरीजों को रेस्क्यू किया और 7 मरीज वेंटिलेटर पर भी थे जिन्हें शिफ्ट किया गया. वेंटिलेशन शाफ़्ट की वजह से आग अंदर ही अंदर ऊपर की तरफ फैल गई.

बताया जा रहा है कि इमरजेंसी लैब में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग पूरी लैब में फैल गई. यह वॉर्ड इमजरेंसी के करीब ही है, जिसकी वजह से तत्काल इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया गया. इस वार्ड के मरीजों को अन्य जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया.

Input : Aaj Tak

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