व्हीकल ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल मुजफ्फरपुर में खोलने की कवायद तेज

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सूबे का दूसरा व्हीकल ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल मुजफ्फरपुर में खोलने की कवायद तेज हो गई है। इसमें कॉमर्शियल समेत निजी वाहन चलाने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। परिवहन विभाग ने डीएम धर्मेंद्र सिंह से इसके लिए 3 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 12वीं पंचवर्षीय योजना से टीयर-2 क्षेत्रीय कॉमर्शियल वाहन ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलना है। इसकी मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है। बताया जाता है कि यह स्कूल पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक ऑटोमेटिक होगा। एक साथ 500 लोग इस स्कूल में ट्रेनिंग ले सकेंगे।

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सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय ने दी स्वीकृति; होगी इलेक्ट्रॉनिक ऑटोमेटिक व्यवस्था, कॉमर्शियल और निजी दोनों तरह के वाहन चलाने का दिया जाएगा प्रशिक्षण

परिवहन विभाग ने डीएम से जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने का किया अनुरोध 

ट्रेनिंग केंद्र के खुलने से उत्तर बिहार के लोगों के लिए ड्राइविंग सीखना होगा आसान 

ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खुलने से मुजफ्फरपुर समेत पूरे उत्तर बिहार के लोगों के लिए ड्राइविंग सीखना आसान होगा। खासकर जो कॉमर्शियल रूप से वाहन चलाना चाहते हैं उनके लिए इस स्कूल के सर्टिफिकेट से कहीं भी ड्राइविंग लाइसेंस लेना आसान होगा। अब तक लाइसेंस लेने के लिए किसी निजी या अन्य संस्थानों से सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। इसके लिए काफी पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं।

कॉमर्शियल वाहन ड्राइविंग प्रशिक्षण को बिहार में कोई सरकारी स्कूल नहीं, छपरा में भवन तैयार लेकिन ट्रेनिंग शुरू नहीं हुई 

बिहार में कॉमर्शियल वाहन की ड्राइविंग की ट्रेनिंग के लिए फिलहाल कोई स्कूल नहीं है। अब तक निजी स्कूलों को ही मान्यता देकर उसके सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, छपरा में एक सरकारी स्कूल बनकर तैयार है। लेकिन, यहां ट्रेनिंग अभी शुरू नहीं हुई है। अब मुजफ्फरपुर के साथ सुपौल में भी ट्रेनिंग स्कूल खोलने की तैयारी है। अब तक निजी ट्रेनिंग स्कूल में इसके लिए 6 हजार रुपए देने होते हैं। बताया जाता है कि बिना ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट लेने पर 10-12 हजार रुपए देने पड़ते हैं।

चार पहिया वाहन चलाने की ट्रेनिंग के लिए शहर में हैं 5 निजी स्कूल

चार पहिया वाहन की ट्रेनिंग के लिए शहर में 5 ट्रेनिंग स्कूल हैं। इनमें दो स्कूलों को परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त है। शेष स्कूल जिले के महिला-पुरुष को कार अन्य चारपहिया वाहन चलाने की ट्रेनिंग देते हैं। इन स्कूलों द्वारा 14 दिनों की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बदले 45 सौ और जो लोग सिम्यूलेटर से ट्रेनिंग लेते हैं उनसे 6 हजार रुपए लिया जाता है।

कॉमर्शियल वाहन ड्राइविंग के लाइसेंस के लिए किसी भी ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल का सर्टिफिकेट आवेदन के साथ संलग्न करना आवश्यक होता है। सर्टिफिकेट संलग्न करने के बाद ही आवेदनकर्ता की दक्षता की जांच की जाती है, वरना आवेदन अस्वीकृत कर दिया जाता है। -संजयटाइगर, एमवीआई 

Source : Dainik Bhaskar

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