मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपनी महत्वाकांक्षी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान सीवान जिला पहुंचे, जहाँ उन्होंने राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित विशाल जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले के विकास के लिए 201.83 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 विकास योजनाओं की सौगात दी, जिसमें 40 नई योजनाओं का शिलान्यास और 31 पूर्ण हो चुकी योजनाओं का उद्घाटन शामिल है।
श्वेत क्रांति और डेयरी क्षेत्र पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार में श्वेत क्रांति लाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के हर गांव में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जाएगा और प्रत्येक पंचायत में ‘सुधा’ बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा, “डेयरी व्यवसाय से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आमदनी में भी भारी वृद्धि होगी।”
सात निश्चय-3 के तहत भविष्य का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने अगले 5 वर्षों (2025-2030) के लिए सरकार की कार्ययोजना साझा की। ‘सात निश्चय-3’ के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने निम्नलिखित लक्ष्यों को रेखांकित किया:
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रोजगार का लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
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दोगुनी आय: राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने का लक्ष्य।
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महिला सशक्तिकरण: ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता।
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औद्योगिक विकास: सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना और बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करना।
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शिक्षा और स्वास्थ्य: प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज की स्थापना तथा सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने वाली नई नीति का कार्यान्वयन।
2005 के बाद के बिहार का जिक्र
अतीत की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत खराब थी, लेकिन एन०डी०ए० सरकार ने राज्य में ‘कानून का राज’ स्थापित किया है। उन्होंने कब्रिस्तान की घेराबंदी और ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए समाज में भाईचारे और शांति के माहौल को विकास की पहली शर्त बताया।
केंद्र सरकार का सहयोग और बजट लाभ
मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2024 और 2025 के केंद्रीय बजट में बिहार को सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स के सफल आयोजन को भी राज्य के लिए गौरव की बात बताया।

