बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र पर पंचायत सचिव से अभद्र भाषा में बात करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा। यह मामला अब गंभीर रूप ले चुका है क्योंकि पीड़ित अधिकारी संदीप कुमार ने पटना के एससी-एसटी थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। मामला अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज हुआ है।
क्या RJD अपने विधायक भाई वीरेंद्र पर भी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों के उल्ट SC-ST समाज के खिलाफ शर्मनाक टिप्पणी की, जान से मारने की धमकी दी।
मुझे तो जयचंदों की साज़िश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया…
अब देखना है कि बवाल करने वालों पर भी पार्टी… pic.twitter.com/BgwtS5AUTJ
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) July 28, 2025
पंचायती राज विभाग में तैनात सचिव संदीप कुमार ने कहा कि वे विधायक को पहचान नहीं सके, जिस पर विधायक नाराज़ हो गए और अपशब्द कहे। संदीप का कहना है कि भाई वीरेंद्र ने उन्हें जूतों से पीटने की धमकी भी दी और तबादले की गुहार पर उन्हें और भी बुरे अंजाम की चेतावनी दी। दोनों के बीच की बातचीत का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब तेज प्रताप यादव भी सामने आए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक कार्टून साझा करते हुए सवाल उठाया है कि क्या पार्टी अब भाई वीरेंद्र के खिलाफ वही सख्ती दिखाएगी, जैसी सख्ती उनके खिलाफ दिखाई गई थी। तेज प्रताप ने लिखा, “क्या RJD अब अपने विधायक पर भी वैसी ही कार्रवाई करेगी, जिसने बाबा साहेब के सिद्धांतों के खिलाफ जाकर SC-ST समाज का अपमान किया?”

विवाद को लेकर विपक्षी दलों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने राजद पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया, जबकि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि राजद आज भी ‘कट्टा संस्कृति’ में विश्वास करती है और इस मामले ने एक बार फिर उनके पुराने तौर-तरीकों को उजागर कर दिया है।

फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि भाई वीरेंद्र की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।









