बिहार में बालू का अवैध खनन रोकने में नाकाम रहे जिलों के पुलिस-प्रशासन के 19 अधिकारियों कर गाज गिरी है। भोजपुर के एसपी राकेश कुमार दूबे और औरंगाबाद के एसपी सुधीर कुमार पोरिका को उनके पद से हटा दिया गया है। पटना और औरंगाबाद के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) के साथ डेहरी के एसडीओ पर भी कार्रवाई हुई है। पांच अंचल अधिकारियों (सीओ) को अपनी जगह से हटा दिया गया है। इसके अलावा भोजपुर के एमवीआई (मोटरयान निरीक्षक) को निलंबित किया गया है जबकि पटना और गया के एमवीआई का तबादला किया गया है। इस मामले में छह जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी भी हटाए गए हैं।

हटाए गए दोनों एसपी का फिलहाल पदस्थापन नहीं
गृह विभाग ने भोजपुर और औरंगाबाद एसपी के तबादले की अधिसूचना जारी कर दी है। भोजपुर एसपी राकेश कुमार दूबे और औरंगाबाद एसपी सुधीर कुमार पोरिका को पुलिस मुख्यालय बुलाया गया है। दोनों अफसरों की फिलहाल किसी पद पर पदस्थापना नहीं की गई है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही बिहार पुलिस सेवा के एसडीपीओ के पद पर तैनात कुछ अफसरों पर भी अवैध बालू खनन के मामले में गाज गिरेगी।

औरंगाबाद डीटीओ के पास था रोहतास का भी प्रभार
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक औरंगाबाद के डीटीओ अनिल कुमार सिन्हा और पटना के डीटीओ पुरूषोत्तम कुमार को उनके पद से हटाते हुए सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान के निर्देश दिए गए हैं। अनिल कुमार सिन्हा के पास रोहतास के डीटीओ का भी प्रभार था। वहीं रोहतास स्थित डेहरी के एसडीओ सुनील कुमार सिंह को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें भी सामान्य प्रशासन में योगदान के आदेश दिए गए हैं। तीनों अफसरों को 48 घंटे में अपने वर्तमान पदस्थापन से विरमित कर दिया जाएगा।

ईओयू की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई
भोजपुर, औरंगाबाद समेत छह जिलों में बालू का खनन बंद होने के बाद अवैध तौर पर इसका धंधा जोरों पर शुरू हो गया था। सरकार के संज्ञान में आने के बाद अवैध खनन में संलिप्तता को लेकर जांच-पड़ताल शुरू की गई। जांच का जिम्मा ईओयू को दिया गया था। ईओयू ने पटना, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास और सारण पर फोकस करते हुए विस्तृत छानबीन की। इस दौरान खनन, परिवहन, राजस्व और पुलिस के विभिन्न स्तरों के ढाई दर्जन से अधिक पदाधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य के साथ अपनी रिपार्ट सौंपी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश पिछले दिनों की थी।
18 पुलिस अफसरों पर गिर चुकी है गाज
इससे पहले थानेदार के पद पर तैनात रहते हुए बालू के अवैध खनन को रोकने में नाकाम रहे 4 इंस्पेक्टर और 14 सब-इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई थी। इनका तबादला रेंज से बाहर कर दिया गया था।
Input: live hindustan





