राजधानी पटना के कंकड़बाग थाने के समीप स्थित एक अस्पताल ने पहले कोरोना संक्रमित मरीज को भर्ती करने के लिये बुलाया, फिर उसका इलाज करने से मना कर दिया। इस कारण पेशे से एसबीआई के सीसीपीसी ब्रांच में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात उमेश कुमार की एम्बुलेंस में ही मौत हो गयी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। शीशे तोड़ डाले। शुरुआती दौर में अस्पताल के गार्ड और परिजनों के बीच झड़प हुई लेकिन बाद में सभी कर्मी अस्पताल से फरार हो गये। बवाल की खबर मिलते ही आनन-फानन में कंकड़बाग थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उग्र हुये परिजनों को शांत करवाया।

गुहार लगाते रहे परिजन अस्पताल प्रबंधन ने नहीं सुनी परिजन अस्पताल प्रबंधन से उन्हें एडमिट करने की लाख गुहार लगाते रहे लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें कहीं और ले जाने की सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि यहां बेड खाली नहीं है। परिजनों का दावा है कि वे उमेश का इलाज एक निजी अस्पताल में करवा रहे थे। हालत खराब होने पर कंकड़बाग स्थित एक बड़े अस्पताल के प्रबंधक से मरीज के परिजनों ने संपर्क किया। उन्होंने शनिवार को आने की बात कही। इसके बाद मरीज के परिजन उन्हें लेकर अस्पताल चले गये लेकिन वहां उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया।

अब तक नहीं हुई एफआईआर

कंकड़बाग थानेदार रविशंकर सिंह ने बताया कि इस बाबत अब तक किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं की गयी है। अगर परिजन किसी तरह की लिखित शिकायत देते हैं तो केस दर्ज कर लिया जायेगा।

Input: Live Hindustan

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