देश में कोरोना के संक्रमण के बीच रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी भी जमकर हो रही है। कर्नाटक में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसके खिलाफ स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की है। कर्नाटक पुलिस ने मैसूर में एक नर्स को रेमडेसिवीर इंजेक्शन की शीशी में खारा पानी और एंटीबायोटिक्स मिलाकर बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच इस जीवन रक्षक दवाई की मांग बढ़ गई है। मैसूर पुलिस को रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबजारी की जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई की है। मैसूर के पुलिस कमिश्नर चंद्रगुप्त ने यह जानकारी दी है।

पुलिस को पता चला कि इस कालाबाजारी रैकेट के का मास्टरमाइंड गिरिश नाम का एक व्यक्ति था, जो कि पेशे से नर्स है। पुलिस कमिश्नर चंद्रगुप्त ने कहा, “विभिन्न कंपनियों की रेमेडिसविर की बोतलों को रिसाइकिल करके एंटीबायोटिक्स और सलाइन से भरा और बाजार में उतारा गया। वह 2020 से ऐसा कर रहा था। हम इस रैकेट के असर का पता लगा रहे हैं और उसने कहां अपने स्टॉक की आपूर्ति की है।”

गिरीश ने खुलासा किया है कि वह अपने साथियों के साथ पिछले साल से ऐसा कर रहा है। उसके साथियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।गिरीश जेएसएस अस्पताल में बतौर स्टाफ नर्स तैनात था।

Input: Live Hindustan

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