वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए देश का आम बजट लोकसभा में पेश कर दिया है. बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर में और तेजी लाने का संकेत दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए घोषणा की कि स्टील पर टैक्स में छूट दी जाएगी. इसका मतलब यह होगा कि स्टील की कीमत होने से आम लोगों को भी मकान बनाना अब पहले की तुलना में सस्ता हो जाएगा. स्टेनलेस स्टील, कोटेड स्टील और मिश्रित इस्पात के रॉड पर डंपिंग रोधी शुल्क को हटा लिया गया है. सीधे शब्दों में कहे तो इससे घर बनाने के काम में आने वाले रॉड, ग्रिल आदि की कीमत हो जाएगी.

स्टील का इस्तेमाल पोर्ट, हवाई अड्डे, डैम आदि बनाने में किया जाता है. सरकार के इस कदम से देश के संरचनात्मक विकास में गति आएगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छोटे और मझोले उद्योगों को राहत देते हुए बजट में स्टील स्क्रैप (कबाड़) पर मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है. इससे छोटे और मछौले सेक्टर में कबाड़ से स्टील उत्पाद बनाने वालों को आसानी होगी.

स्टील पर डंपिंग रोधी शुल्क और सीवीडी खत्म
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, पिछले वर्ष इस्पात स्क्रैप को दी गई सीमा शुल्क छूट और एक वर्ष के लिए बढ़ाई जा रही है. इससे एमएसएमई के द्वित्तीयक इस्पात उत्पादकों को राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि स्टेनलेस स्टील और कोटेड स्टील फ्लैट उत्पादों, मिश्रित इस्पात की छड़ और हाई-स्पीड स्टील पर कतिपय डम्पिंग रोधी और सीवीडी को धातुओं की मौजूदा उच्च कीमत को देखते हुए व्यापक लोक हित में समाप्त किया जा रहा है.

कस्टम ड्यूटी छूट को एक साल के लिए और बढ़ाया
वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी छमाही में स्टील की घरेलू मांग साल दर साल आधार पर 16.8 फीसदी बढ़ी. लेकिन चालू वित्त वर्ष (2021-22) के दौरान मानसून के बाद डिमांड में वृद्धि उम्मीद के मुकाबले कम रही है. इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मांग में वृद्धि घटकर सिर्फ 9 फीसदी रह गई. इससे पता चलता है कि बीते महीनों में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में स्टील की मांग घटी है. यही कारण है बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्टील पर मिलने वाली छूट को एक साल के लिए बढ़ा दिया.
Source : News18







