RJD के साथ सीट शेयरिंग के मामले में अपनी बात मनवाने में पीछे रह गये रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा मंगलवार को महत्वपूर्ण घोषणा करने वाले हैं. कुशवाहा इस बात का खुलासा करेंगे कि आखिरकार बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर वह किसके साथ गठबंधन करने जा रहे हैं. जिस तरीके से राजद ने उनकी पार्टी के नेताओं को एक-एक कर तोड़ा है, ऐसे में रालोसपा के अब महागठबंधन में बने रहने की संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है. सालों तक रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे विजय चौधरी के पार्टी छोड़कर राजद में जाने से पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े नेताओं तक सकते में हैं. सोमवार की रात आनन-फानन में उपेंद्र कुशवाहा ने बयान जारी कर कहा कि उनकी पार्टी को लेकर जानबूझकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है.

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पिछले दिनों पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में उन्हें कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है. ऐसे में उनका कोई भी फैसला पार्टी कार्यकर्ताओं और बिहार की 12 करोड़ जनता के हित को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा. पार्टी सूत्रों की माने तो उपेंद्र कुशवाहा किसी नए गठबंधन में शामिल होंगे. उधर, पप्पू यादव ने भी उपेंद्र कुशवाहा से कई राउंड बातचीत करने का दावा किया है. वैसे उपेंद्र कुशवाहा की तरफ से मंगलवार को स्पष्ट हो जाएगा कि वह पप्पू यादव के साथ हाथ मिलाएंगे या नहीं.
कांग्रेस को नसीहत
वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रही उनकी पार्टी ने कांग्रेस को जमीनी हकीकत समझने की नसीहत दी है. पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने पटना में बयान जारी कर कहा कि मौजूदा स्थिति में कांग्रेस को हालात समझते हुए राजद से समझौता कर लेना चाहिए. राजीव मिश्रा का बयान तब आया है जब वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने 2 दिन पहले ही दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से मुलाकात की थी. वीआईपी जैसी पार्टी का इस तरह का बयान सामने आने के बाद यह तय हो गया है कि महागठबंधन में सीट शेयरिंग का मामला अब भी लटका हुआ है.
Source : News18





