कालाजाबारी के खिलाफ एक्शन में आई ईओयू की नजर अब धंधेबाजों की संपत्ति पर है। गिरफ्त में आए कालाबाजारियों की संपत्ति की छानबीन के आदेश दे दिए गए हैं। एडीजी ईओयू एनएच खान ने अफसरों को इनकी करतूत की जांच करने के साथ संपत्ति का पता लगाने को कहा है। माना जा रहा है कि कालाबाजारी से अर्जित अभियुक्तों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई जल्द शुरू होगी।

कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी जोरों पर हैं। एम्बुलेंस चालक भी मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ईओयू ने पिछले कई दिनों से इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर रखी है। हफ्ते भर में कई गिरोह पकड़े गए हैं जो कालाजाबारी में लिप्त थे। डेढ़ दर्जन धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया है। गांधी मैदान थाना क्षेत्र में रेनबो अस्पताल के निदेशक अशफाक अहमद, उसके साले अल्ताफ अहमद और दवा कंपनी के एमआर राजू कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा कंकड़बाग थाना क्षेत्र से तीन अन्य धंधेबाज रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते पकड़े गए थे। दो दिन पहले ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करनेवाले 9 लोगों के गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इनके खिलाफ राजीवनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है।

ईओयू खुद करेगी इन मामलों का अनुसंधान

आर्थिक अपराध इकाई ने गांधी मैदान, कंकड़बाग और राजीव नगर थाना में दर्ज कालाबाजारी के मामलों की जांच खुद करने का निर्णय लिया है। इस बाबत एडीजी एनएच खान ने आदेश जारी कर दिया है। वहीं ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर और एम्बुलेंस के लिए मनमाना किराया वसूलने वालों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। पटना में दर्ज बाकी मामलों की जांच भले ही ईओयू नहीं करेगी पर केस का अुसंधान उनके दिशा-निर्देश के अनरूप होगा।

कालाबाजारी से जुड़े तीन मामलों की जांच ईओयू करेगी। बाकी मामलों में अनुसंधान उसके नियंत्रण में होगा। कालाबाजारियों की संपत्ति के जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
– एनएच खान, एडीजी ईओयू

Input: Live Hindustan

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD