शिक्षा विभाग की कमान जबसे केके पाठक ने ली है तबसे वो कुछ न कुछ फरमान जारी करते रहते हैं। उनके निर्णय से न सिर्फ शिक्षक बल्कि कार्यरत कर्मचारियों की भी मुश्किलें बढ़ गई है। वहीं शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक द्वारा पारित एक आदेश के तहत बिहार के सरकारी स्कूल के बच्चों पर बड़ा एक्शन लिया गया है।

दरअसल सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले एक लाख छात्रों का नामांकन रद्द कर दिया गया हैं। ये ऐसे बच्चें हैं जो पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं आते थे, जिस वजह से अब इनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में नामांकन लेकर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्रों का भी नामांकन रद्द किया गया है।

सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार सबसे ज्यादा पश्चिम चंपारण और अररिया जिले में नाम काटे गए हैं। इन दोनों जिलों से करीब 10 -10 हज़ार छात्रों का नाम काटा गया है। नामांकन डुप्लीकेसी की परंपरा को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।










