कोरोना की दूसरी लहर की वजह से बिहार में हालात काफी ज्यादा खराब हो रहे हैं. राज्य में लगातार ऑक्सीजन की कमी पड़ रही है. ऐसे में अब कैपिटल ऑक्सीजन गैस कंपनी प्लांट में काम करने वाले मजदूर कोरोना वारियर्स बन कर सामने आ रहे हैं. ये लोग लगातार काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि वो ज्यादा मेहनत कर के ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन बनाने चाहते हैं, ताकि कोई भी मरीज ऑक्सीजन की कमी न मरे.

गया के गया-पटना रोड पर स्थित कंडी में कैपिटल ऑक्सीजन गैस कंपनी प्लांट में काम करने वाले मजदूर कोरोना वारियर्स बनकर दिन-रात खाना और नींद की चिंता छोड़कर गैस रिफिलिंग करने में जुटे हैं. दरअसल गया का यह एकमात्र ऑक्सीजन गैस प्लांट है, जहां सिर्फ 900 बड़े सिलेंडर रिफिलिंग करने की क्षमता है जो 21 घंटे चलाकर पूरा किया जा रहा है.

900 सिलेंडर में से 600 सिलेंडर प्रतिदिन गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आपूर्ति की जा रही है जिसे कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाया गया है. यहां करीब 170 संक्रमित व संदिग्ध मरीज कोविड वार्ड में भर्ती है. प्लांट के प्रबन्धक मो. अमजद अली ने बताया कि पिछले महीने से ही ऑक्सीजन गैस की मांग और खपत बढ़ी है. इससे पहले 100 से 150 ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की खपत थी. लेकिन आज ऐसी स्थिति हो गई है कि प्रतिदिन 900 ऑक्सीजन सिलेंडर गैस उत्पादन के बाद भी कम हो रहा है.
प्लांट में मजदूर दिन रात 21 घंटे तक काम कर रहे है, ताकि ऑक्सीजन की कमी न हो. हर एक 7 घंटे पर 1 घंटे के लिए प्लांट को बंद कर दिया जाता है ताकि प्लांट में कोई परेशानी न हो और समुचित ऑक्सीजन उपलब्ध होते रहे.

वहीं मेडिकल ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति को लेकर ऑक्सीजन प्लांट पर मजिस्ट्रेट के साथ सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की गई हैं. ऑक्सीजन प्लांट पर प्रतिनियुक्त कनीय अभियंता शिक्षा परियोजना के मजिस्ट्रेट अविनाश भारद्वाज ने बताया कि कैपिटल ऑक्सीजन कंपनी के पास एक मजिस्ट्रेट औऱ कुछ पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई, ताकि किसी तरह के कोई भी कालाबाजारी नही हो.
वहीं उन्होंने बताया कि 24 घंटे यहां पर अधिकारी को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व स्थानीय लोगों के द्वारा हंगामा किया गया था, जिसके बाद स्थानीय थाना को सूचित कर अतिरिक्त पुलिस बलों को बुलाकर मामला को शांत कराया गया.
(इनपुट: जय प्रकाश कुमार) Zee News




