पटना हाई कोर्ट ने कोरोना से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों को संतोषजनक नहीं माना है। कोर्ट ने कहा कि राज्य में जिस रफ्तार से कोरोना महामारी बढ़ रही है, उसपर नियंत्रण के लिए युद्ध स्तर पर सबको मिलकर काम करना होगा। न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह तथा न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं को गंभीरता से लेते हुए अब हर दिन सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

मीडिया से आ रहीं खबरों के बारे में सरकार से पूछा
वीडियो कांफ्रेंसिंग से चल रही सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर कोर्ट ने अपनी चिंता जताई, जबकि राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में की जा रही है। इस बाबत राज्य सरकार की ओर से जो रिपोर्ट दी गई, उसे कोर्ट ने सन्तोषजनक नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि मीडिया में खबरें आ रही हैं कि ऑक्सीजन की कमी के कारण लोग दम तोड़ रहे हैं। ऑक्सीजन की आपूर्ति समय पर अस्पतालों में हो सके, इसके लिए जरूरी है कि युद्धस्तर पर सबलोग मिलकर काम करें।

प्रतिदिन ऑक्सीजन आपूर्ति का ब्योरा दे सरकार
कोर्ट ने राज्य सरकार को हर दिन हो रही ऑक्सीजन आपूर्ति का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही बेड, इलाज की व्यवस्था के संबंध में भी रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम को राज्य के कोविड अस्पतालों का लगातार निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया।
हाईकोर्ट कर्मी ने भी ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ा
केंद्र सरकार से कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि बिहार को ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्धारित कोटे के तहत की जा रही है या नहीं। मामले पर कल फिर सुनवाई होगी। बता दें कि कोरोना से पीड़ित पटना हाईकोर्ट के प्रशाखा पदाधिकारी राकेश रंजन प्रियदर्शी ने भी ऑक्सीजन के अभाव में आज दम तोड़ दिया।
Input: Dainik Jagran





