घर से भागी और मानव तस्करी से मुक्त करायी गई लड़कियों के लिए रक्षा गृह खुलेगा। महिला एवं बाल विकास निगम सभी जिलों में रक्षा गृह खोलेगा। इन रक्षा गृह में 50 लड़कियों को रखने की व्यवस्था होगी। अभी बालिका गृह में घर भागी हुई, भूली भटकी और आपराधिक घटनाओं में संलिप्त लड़कियों को एक साथ रखा जाता है। इससे सामान्य लड़कियों को दिक्कत होती है।

समाज कल्याण निदेशालय के निदेशक राजकुमार ने बताया कि सभी जिलों में रक्षा गृह बनेगा। उन्होंने बताया कि रक्षा गृह में सुरक्षा के साथ उनके हुनर को निखारने का काम किया जाएगा। बता दें कि महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से पहले भी पांच जिलों में रक्षा गृह खोले गये थे। मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के बाद रक्षा गृह को बंद कर दिया गया था। इसके कारण घर से भागी और मानव तस्करी से मुक्त करायी गई लड़कियों को भूली भटकी लड़कियों के साथ रखा जाने लगा है। इसके कारण सामान्य लड़्कियां खुद को असहज महसूस करती हैं।

भागकर बाल विवाह करने वाली लड़कियों कोई नहीं अपनाता
भाग कर बाल विवाह करने वाली लड़कियों के लिए जीना मुश्किल हो रहा है। भागकर बाल विवाह करने वाली लड़कियों को न तो मायके वाले रखना चाहते हैं और न ही ससुराल वाले। ऐसी स्थिति में लड़की बालिका गृह में रहने को मजबूर हो रही है। नादानी में उठाये गये कदम उनके जिंदगी के नासूर बन जाता है।

पढ़ाई, लिखाई से लेकर सामाजिक जीवन खत्म हो जाता है। इसके बाद उन्हें को आपराधिक प्रवृति वाली लड़कियों के साथ जीवन गुजर बसर करना पड़ता है। इन लड़कियों के लिए रक्षा गृह जिंदगी जीने की नई राह बनाएगा। उन्हें रक्षा गृह में पढ़ाई-लिखाई के साथ जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बालिका गृह में अभी सबसे अधिक भागकर बाल विवाह करने वाली लड़कियों की संख्या है।
Source : Hindustan
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