जदयू से रिश्ता तोडऩे के बाद लोजपा उस पर और हमलावर होने की रणनीति बनाई है। जदयू के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरी लोजपा जनता के बीच केंद्र की उपलब्धियां और नीतीश शासन के कार्यकाल की कमियों को गिनाएगी। इसके लिए लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने सभी कार्यकर्ताओं को टास्क सौंपा है।
जदयू और हम के 122 प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार
लोजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक चिराग पासवान ने अपने सभी सहयोगियों को यह मंत्र भी दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा को बहुमत के करीब लाने की कोशिश में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। पार्टी के नेता कहते हैं कि चिराग पासवान ने जदयू के 122 प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार करने में ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट विजन डाक्यूमेंट-2020’ को हथियार बनाने का निर्देश दिया है।
भाजपा के लिए दिल में हो इज्जत
कोशिश रहेगी कि लोजपा का भाजपा से रिश्ता किसी कीमत पर खराब नहीं हो। यह अंदाज भी दिखेगा कि जदयू से किसी कारणवश गठबंधन जरूर टूटा है, लेकिन लोजपा के हर कार्यकर्ता के दिल में भाजपा के लिए इज्जत है। इसलिए चिराग अपने प्रचार अभियान में जनता को यह ध्यान दिलाने का काम करेंगे कि पूरे प्रदेश में अगली बार भाजपा-लोजपा की प्रभावी सरकार तभी दिखेगी, जब राज्य में भी भाजपा की बहुमत की सरकार होगी। प्रचार में यह भी बताया जाएगा कि आपने केंद्र में बहुमत देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मजबूत सरकार तो बना दिया है अब बिहार में भी बहुमत देकर भाजपा नीत मजबूत सरकार बना दीजिये। विकसित बिहार का सपना तभी पूरा होगा।
हर कार्यकर्ता पीएम की उपलब्धियां गिनाएगा
लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद प्रिंस राज ने कहा है कि प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं, उनके कार्यों को बिहार चुनाव में जनता के सामने पेश करना हमारी पार्टी की प्राथमिकता में है। चुनाव प्रचार के दौरान लोजपा के एक-एक कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों के बारे में जनता को बताएंगे
Input: Dainik Jagran







