मधुबनी. नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले और हजारों पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. मधुबनी के जयनगर से नेपाल के जनकपुर तक जल्द ही रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद है. गृह मंत्रालय और भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने जयनगर का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया. जयनगर से जनकपुर कुर्था के बीच ट्रेन चलाने की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं. ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि मिथिलांचल के लोगों को नए साल में इंडो-नेपाल रेल सेवा की सौगात मिल जाएगी. बता दें कि बिहार और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जनकपुर जाते हैं. ट्रेन सेवा होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. इसके अलावा बड़ी तादाद में दैनिक यात्री भी नेपाल आते-जाते हैं.

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को गृह मंत्रालय समेत समस्तीपुर रेल मंडल के तमाम आला अधिकारियों ने जयनगर स्थित भारत और नेपाल के रेलवे स्टेशनों का दौरा कर वहां की तैयारियों का जायजा लिया. साथ ही स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े इंतजामों की जानकारी ली. इसके अलावा अधिकारियों के दल ने स्पेशल ट्रेन में बैठकर जयनगर-जनकपुर कुर्था नेपाल रेल रूट का भी विंडो निरीक्षण किया.

भारत-नेपाल में तैयारियां लगभग पूरी
इस दौरान गृह मंत्रालय के ईडी त्रिभुवन मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत और नेपाल दोनों ही रेलवे स्टेशन पर लगभग सभी काम पूरे कर लिए गए हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस रूट पर रेल सेवा कब शुरू होगी, इसको लेकर दोनों देशों के बीच हाईलेवल मीटिंग में फैसला लिया जाएगा.

कई वर्षों से रेल सेवा शुरू होने का इंतजार
स्थानीय लोग वर्षों से जयनगर-जनकपुर के बीच रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. जानकारों की मानें तो इस रूट पर रेल सेवा की सौगात मिलने के बाद मिथिलांचल की अर्थव्यवस्था तो मजबूत होगी ही, कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को भी नई पहचान मिलेगी. शायद यही वजह है कि यहां के लोग इस रूट पर छुक-छुक की आवाज सुनने को बेताब हैं.
Source : News18






