देश के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रभात कुमार अब नहीं रहे. वे पिछले एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे. एक सप्ताह पहले उन्हें कोरोना हो गया था. उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पटना के मेडिवर्सल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. स्थिति नहीं संभलने के बाद उन्हें पटना से हैदराबाद के लिए रेफर किया गया था. अभी हैदराबाद में ही उनका इलाज चल रहा था. मंगलवार को अपराह्न बाद डॉ प्रभात ने हैदराबाद के ही हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. उनके निधन से मेडिकल जगत को झटका लगा है.

पटना के सबसे व्यस्त कार्डियोलॉजिस्ट में गिने जाने वाले डॉ. प्रभात से दिखाने के लिए मरीज कई महीने तक का इंतजार करते थे. इलाज में देर होने के बाद भी नहीं घबराते थे. सोशल मीडिया पर उनके शुभचिंतक जल्द स्वस्थ होने की लगातार कामना कर रहे थे. बिहार के लोगों के लिए डॉ. प्रभात ने पटना में ही एंजियोप्लास्टी की सुविधा उपलब्ध करायी थी. इसके पहले लोगों को बिहार के बाहर जाना पड़ता था. पटना के राजेंद्र नगर मेडिका हार्ट इंस्टीट्यूट को खड़ा करने में भी डॉ प्रभात की अहम भूमिका थी.

डॉ. प्रभात वर्ष 1997 में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल से अपने करियर की शुरुआत की थी. वे इनवेसिव और नन इनवेसिव दोनों तरह के कार्डियक इलाज करते थे. उन्हें पिछले सप्ताह कोरोना हो गया था. इसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई. लंग्स में जबर्दस्त इंस्पेक्शन हो गया था. बताया जाता है कि लंग्स बदलने के लिए ​ही उन्हें हैदराबाद ले जाया गया था. लेकिन वे नहीं बच सके. डॉ. प्रभात के निधन से बिहार ही नहीं, पूरे देश के मेडिकल जगत को झटका लगा है. पटना के डॉक्टर उनके लिए रो रहे हैं. वे मायूस हैं.

Source : Live Cities

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