सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया है कि जिन लोगों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से हुई है, उनके परिवार को केंद्र सरकार मुआवजा दे. इसकी राशि वह खुद तय करे. साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि डेथ सर्टिफिकेट को जारी करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह कोविड से जुड़े मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करे, जो प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो गए हैं, उनमें सुधार किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं लगाई गई थीं, जिनमें केंद्र और राज्यों को कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को कानून के तहत चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समान नीति का अनुरोध किया गया था. इस फैसले से अब बनने वाले डेथ सर्टिफिकेट ठीक बन जाएंगे लेकिन जो डेथ सर्टिफिकेट बन चुके हैं, उनको ठीक करने का काम खासा कठिन है. ऐसे में कुछ रास्ते हैं जिनपर गौर किया जा सकता है…
कैसे संभव होगा पुराने डेथ सर्टिफिकेट में बदलाव?
विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने डेथ सर्टिफिकेट में बदलाव के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के जरिये दिशानिर्देश जारी कर सकती है. ऐसा भी माना जा रहा है कि एनडीएमए इस तरह की शिकायतें दूर करने के लिए ऑनलाइन माध्यम में एक विकल्प टूल बना सकती है. यह सभी राज्यों को एक साथ जोड़ सकता है.

आखिर कैसे तय होगी मौत की सही वजह?
जारी हो चुके डेथ सर्टिफिकेट को ठीक कराने में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मौत की सही वजह कैसे ठीक होगी. ऐसे में कहा जा रहा है कि एनडीएमए जो ऑनलाइन विकल्प मुहैया कराएगा उसमें सही वजह दर्ज कराने के लिए आवेदन करना होगा. इस ऑनलाइन टूल में संबंधित व्यक्ति को मर चुके व्यक्ति के इलाज के अस्पताल के दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे. राज्य सरकारें इन दस्तावेजों को वेरिफाई करेंगी.
दस्तावजों का वेरिफिकेशन कैसे किया जाएगा?
जिस अस्पताल में व्यक्ति का इलाज हुआ होगा, ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने के बाद उसी अस्पताल के डॉक्टर इन दस्तावेजों को वेरिफाई कर सकते हैं. जब डॉक्टर ठीक तरीके से दस्तावेजों को वेरिफाई कर लेंगे, उसके बाद ही डेथ सर्टिफिकेट में मौत का सही कारण दर्ज किया जा सकेगा. अगर मौत को सही कारण कोरोना संक्रमण है, तो नया डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिसमें कोरोना संक्रमण दर्ज होगा.
Source : News18







