भारत में लगातार दूसरे दिन कोरोना संक्रमण के मामले 40 हजार से ज्यादा आये हैं. पिछले 24 घंटों की बात करें तो इस दौरान कोरोना वायरस के 40,120 नए मामले आए हैं जबकि 42,295 रिकवरी हुई है. वहीं इस दौरान 585 लोगों की कोरोना से मौत हुई. अब देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामले 3,21,17,826 हो चुके हैं और सक्रिय मामले 3,85,227 हैं. देश में अबतक कोरोना ने 4,30,254 लोगों की जान ली है.

इस बीच मुंबई से बड़ी खबर आ रही है जहां डेल्टा प्लस वेरिएंट से पहली मौत का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार मुंबई के घाटकोपर में एक 63 वर्षीय महिला की जुलाई में मौत हुई थी, जिसकी रिपोर्ट अब सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक महिला की मौत डेल्टा प्लस वेरिएंट की वजह से हुई है. यहां हैरान कर देने वाली बात ये हैं कि महिला ने वैक्सीन की दोनों डोज ली हुई थी. इसके बाद भी महिला की डेल्टा प्लस वेरिएंट की वजह से मौत हो गई.

58% भारतीयों को विश्वास, देश तीसरी लहर से निबटने को तैयार : देश के 58 फीसदी नागरिकों को विश्वास है कि भारत कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. लोकलसर्किल द्वारा गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है. सामुदायिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकलसर्किल ने कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों को लेकर एक सर्वे किया था. इस सर्वे में 26 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अत्यधिक आश्वस्त हैं. लगभग 32 प्रतिशत ने कहा कि वे तीसरी लहर से बेहतर तरीके से निबटने को लेकर कुछ हद तक आश्वस्त हैं. वही, 25 फीसदी ने कहा कि इसकी उम्मीद बहुत कम है. सर्वे में लगभग 13 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें बिल्कुल भी भरोसा नहीं है जबकि चार प्रतिशत लोगों ने ना में जवाब दिया. लोकलसर्किल ने एक बयान में कहा कि कुल मिलाकर 58 फीसदी नागरिकों को विश्वास है कि आने वाले महीनों में भारत कोरोना वायरस की तीसरी लहर को संभालने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं.

33% लोगों को अर्थव्यवस्था ठीक होने की उम्मीद : कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान केवल 41 प्रतिशत लोगों ने प्रभावी ढंग से संभालने की भारत की क्षमता में विश्वास व्यक्त किया था. वहीं, अर्थव्यवस्था को लेकर की किये गये सवाल के जवाब में 33 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठीक हो जायेगी. लगभग 11 प्रतिशत लोगों ने कहा कि यह पूरी तरह से ठीक हो जायेगा, लेकिन कोरोना के पहले जैसी स्थिति नहीं होगी. वहीं, चार में से तीन भारतीय यह मानते हैं कि भारत अगले एक साल के भीतर आर्थिक सुधार लाने में सक्षम होगा.
Input: prabhat khabar



