समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्‍ता के अहंकार ने दिल्‍ली में बैठे शासकों को अंधा और बहरा बना दिया है और उन्‍हें देश के लाखों किसानों की पीड़ा का भान नहीं है। उन्होंने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक पुरानी कहावत है अंधेर नगरी, चौपट राजा। लेकिन अब हमारे यूपी में हो रहा है- दिनदहाड़े रेप और रातभर गांजा, जिसको भी देखना है यूपी में आजा। अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री कहते हैं कि ठोंक दो। इस चक्कर में पुलिस और जनता को नहीं पता चल पाता है कि किसे ठोंक रहे हैं।

केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में टप्‍पल की किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि आंदोलन के दौरान दो सौ से अधिक किसानों ने अपनी जान गंवाई है लेकिन मोदी सरकार अभी भी अपने किसानों के साथ ऐसा व्‍यवहार कर रही है कि मानों वे देश की सीमाओं पर खड़े दुश्‍मन हों। उन्‍होंने कहा, ”सरकार इस बात से बेखबर है कि इन विनम्र किसानों के पास सत्‍ता की कुर्सी से अहंकारी शासकों को हटाने की शक्ति है।”

उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री ने किसान समुदाय से आग्रह किया कि वे इतिहास की घटनाओं को देखें और जानें कि कैसे ब्रिटिश संसद ने एक एकल कानून के जरिये ईस्‍ट इंडिया कंपनी को अंधाधुंध शक्तियां दी जिसने भारत की संपत्ति को अपने लाभ के लिए लूटा और आज इतिहास खुद को दोहरा रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि सरकार कॉरपोरेट घरानों को सशक्‍त बना रही है। उन्‍होंने कहा कि किसान विरोधी कानूनों के बाद अब सरकार किसानों और आम लोगों के घावों पर नमक रगड़ रही है। यादव ने चेतावनी दी कि सरकार किसानों को जितना अधिक अपमानित करेगी किसान उतना ही अधिक दृढ़सं‍कल्पित हो रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्‍यालय से जारी बयान के अनुसार यादव ने कहा है कि किसान आंदोलन को 100 दिन हो गए हैं और किसानों की घोषणा है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक तीन काले कृषि कानून वापस नहीं होते। उन्‍होंने आरोप लगाया, ”देश की अर्थव्यवस्था की हालत पतली है। भाजपा के लोग खेती नहीं करते हैं और किसान का धान 900 से 1100 सौ रुपये में ‘लूट’ लिया गया।”

पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा, ”बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार कई रूप में जनता को दिख रहा है, पुलिस और तहसील के भ्रष्टाचार से जनमानस त्रस्त है। कोरोना काल से उपजे आर्थिक संकट की मार से जनता की कमर टूट गई है। डीजल-पेट्रोल के दाम बेलगाम है। रसोई गैस की बढ़ी कीमतों ने लोगों का बजट खराब कर दिया है। नौजवानों के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है।” यादव ने कहा कि भाजपा सरकार को यह जान लेना चाहिए कि किसानों का उत्पीड़न कर कोई सत्ता में नहीं टिक सकता। जनता परिवर्तन के लिए बस 2022 के विधानसभा चुनावों का इंतजार बेसब्री से कर रही है और सबकी निगाहें समाजवादी पार्टी पर लगी हैं।

Input: Live Hindustan

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