बिहार के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण मंत्री विनोद सिंह का शव आज शाम दिल्ली से पटना लाया जाएगा। कल बिहार विधानसभा में उनके शव को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार 14 अक्टूबर को कटिहार के मनिहारी घाट पर किया जाएगा।
मंत्री विनोद कुमार सिंह का सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। ढाई महीने पहले उन्हें कोरोना हो गया था। कोरोना को मात देने के बाद वह घर लौटे थे लेकिन ब्लड प्रेशन और शुगर लेवल बढ़ने के बाद अगस्त में उन्हें पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां दो दिन बाद उनकी हालत काफी बिगड़ गई। बताया जा रहा है मंत्री ब्रेन हैमरेज के शिकार हो गए। इसके बाद उन्हें दिल्ली ले जाया गया। पिछले दो महीने से उनका वहीं इलाज चल रहा था। सोमवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत करने वाले विनोद सिंह साल-2000 में पहली बार विधायक बने थे। वह कटिहार की प्राणपुर सीट से भाजपा के विधायक थे। राजद से अलग होने और एनडीए में जद यू के शामिल होने के बाद बनी नीतीश कुमार की सरकार में वह पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण मंत्री थे। उनकी तबीयत खराब होने की वजह से इस बार भाजपा ने उनकी पत्नी निशा सिंह को प्राणपुर से मैदान में उतारा है।
जनता के दर्शनार्थ रखा जाएगा मंत्री का शव
मिली जानकारी के अनुसार मंत्री विनोद सिंह का शव पटना लाए जाने के बाद आम जनता के दर्शनार्थ रखा जाएगा।
शव के शाम सात बजे इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली से पटना भेजे जाने की सम्भावना है।
रात 9:20 बजे यह फ्लाइट पटना हवाई अड्डे पहुंचेगी। रात 9:30 बजे उनके तीन, टेलर रोड चितकोहरा पूल के पास स्थित पटना के सरकारी आवास पर शव लाया जाएगा। मंगलवार 13 अक्टूबर को सुबह साढ़े 10 बजे से लोग मंत्री विनोद सिंह के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर सकेंगे। पूर्वाह्न 11 बजे उनका पार्थिव शरीर बिहार विधानसभा ले जाएगा। वहां लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे। साढ़े 11 बजे मंत्री विनोद सिंह का पार्थिव शरीर पटना स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय ले जाया जाएगा।
दिन में 12 बजे उनका पार्थिव शरीर पटना से उनके पैतृक आवास गांव परिबायना जिला कटिहार के लिए ले जाया जाएगा। 14 अक्टूबर को कटिहार जिले के मनिहारी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
Input: Live Hindustan







