बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) ने कहा है कि कोरोना टीकाकरण के मामले में पत्रकारों को उम्र सीमा के बंधन से छूट मिलनी चाहिए। उन्हें हर जगह आना-जाना पड़ता है। वे फ्रंट लाइन वर्कर्स हैं। ये बातें मुख्यमंत्री ने बिहार में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए नई गाइडलाइन (Bihar New Coronavirus Safety Guideline) जारी करते हुए कहीं।
I am in the favour of the vaccination of journalists of all age groups. They go everywhere to cover news and should be included among frontline workers: Bihar Chief Minister Nitish Kumar pic.twitter.com/jqALOc2jR4
— ANI (@ANI) April 9, 2021
बिहार में सरकार ने संक्रमण की रफ्तार को बढ़ते देख प्रतिबंधों को फिर से कड़ा करना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में मंदिर-मस्जिद समेत सभी सार्वजनिक इबादत स्थलों पर आम लोगों के जाने पर पूरे अप्रैल महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। दुकानों को खोलने के लिए शाम सात बजे की समयसीमा तय कर दी गई है।

आरएमआरआइ में दो वैज्ञानिक समेत आठ कर्मी संक्रमित, ओपीडी बंद
इधर, पटना सिटी के अगमकुआं स्थित राजेंद्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान में दो वैज्ञानिकों समेत आठ कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव हो जाने के कारण शुक्रवार को अगले एक सप्ताह के लिए ओपीडी बंद कर दिया गया। निदेशक डॉ कृष्णा पांडे ने बताया कि संक्रमित होने वालों में दो वैज्ञानिक, दो चतुर्थवर्गीय कर्मचारी, दो तकनीकी विशेषज्ञ और दो माली हैं। यह सभी पिछले दो-तीन दिनों में कोरोना पॉजीटिव हुए हैं। अधिकांश ने कोरोना का दोनों टीका ले लिया था। सभी का स्वास्थ्य बेहतर है। इस कारण यह सभी होम क्वारंटाइन हैं।

18 अप्रैल तक के लिए ओपीडी बंद, कोरोना सैंपल की जांच रहेगी जारी
निदेशक ने बताया कि संस्थान को सैनिटाइज करने के लिए 12 अप्रैल से 18 अप्रैल तक ओपीडी बंद कर दिया गया है। अब 19 अप्रैल से ओपीडी चलेगा। कोरोना के नमूनों की जांच इस दौरान जारी रहेगी। निदेशक ने बताया कि आइसीएमआर के निर्देशानुसार संस्थान में 40 से 50 प्रतिशत कर्मचारियों से ही काम लेना है। कई कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव हो जाने से ओपीडी जारी रखने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
Input: Dainik Jagran








