बिहार सरकार (Bihar Goverment) के इस दलित मंत्री (Minister) की पहले ही दिन भारी बेइज्जती हो गयी. मंत्री जी पदभार ग्रहण करने समय पर पहुंच गए, लेकिन विभाग के प्रधान सचिव ही नदारद रहे. घंटों प्रधान सचिव का मंत्री जी ने इंतजार किया, फिर भी वो नहीं आए. काफी इंतजार करने के बाद जब मंत्री जी का सब्र का बांध टूटा तो उन्होंने अपने कार्यालय के चपरासी को बुलाया और उसी के हाथों बुके लेकर पदभार ग्रहण कर लिया.

दरअसल खान एवं भूतत्व मंत्री जनक राम (Janak Ram) पदभार ग्रहण करने सचिवालय समय पर पहुंच गए. लेकिन विभाग के प्रधान सचिव ही नहीं आए. प्रधान सचिव का लोगों ने घंटों इंतजार किया, लेकिन वो नहीं आए. अंत में मंत्री जी ने पूछा कि इस कार्यालय में चपरासी कौन है, उसे बुलाया गया उसी के हाथों मंत्री जनक राम ने बुके लेकर पदभार ग्रहण किया.

चपरासी (Peon) के हाथों पदभार ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा कि अफसरशाही के इस नेक्सस को तोड़ना जरूरी है. मैं आज खान एवं भूतत्व विभाग के निदेशक या उपनिदेशक को जो सम्मान देता, वो सम्मान आज इस चपरासी को दे रहा हूं. ये मेरा भाई है, इसके द्वारा किया गया सम्मान मुझे स्वीकार है.
बता दें कि बीजेपी कोटे से जनक राम मंत्री बनाए गए हैं. पहली बार मंत्री बने हैं जनक राम. मंगलवार को ही उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है.
Source : Live Cities






