पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विरोधी खेमे के निशाने पर हैं. बिहार में शराबबंदी के बावजूद यहां शराब मिलने पर विपक्षी नेता लगातार बिहार सरकार पर सवाल उठाते हुए नजर आ रहे हैं. अब जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) की सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शराबबंदी के खिलाफ बयान दिया है. मांझी ने कहा कि बड़े अधिकारी भी शराब पीते हैं और शराबबंदी के नाम पर छोटे और आम जनता अधिक परेशान होते हैं. मांझी के इस बयान पर काफी हंगामा मचा हुआ है. वहीं, सत्ता पक्ष जीतन राम मांझी के इस बयान को उनका निजी विचार बता रहा है.

शराबबंदी पर मांझी के बयान का तेज प्रताप ने किया समर्थन
दूसरी तरफ, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेज प्रताप यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के इस बयान का पूरी तरह से समर्थन किया है. तेज प्रताप ने कहा कि जीतन राम मांझी का बयान पूरी तरह से सही है और राज्य में शराबबंदी पूरी तरह से विफल है. उन्होंने कहा कि शराब बॉर्डर इलाके से बिहार में पहुंच रही है, और राज्य के कई जिलों में शराब आसानी से मुहैया कराई जा रही है. आरजेडी नेता ने साफ कहा कि नीतीश कुमार का शराबबंदी कानून राज्य में पूरी तरह से विफल है, और आलम यहां तक है कि राज्य के कई थानों से शराब बेची जाती है.

‘शराब की बिहार में होम डिलीवरी हो रही है’
तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि शराब की बिहार में होम डिलीवरी हो रही है. उन्होंने कहा कि पिज्जा की तरह शराब की होम डिलीवरी की जा रही है. उन्होंने कहा कि बिहार में शराब तो बंद हो नहीं रहा. सरकार का जो काम है, उसमें पूरी तरह फेल है. उन्होंने यह भी कहा कि अफसर शराब पीते हैं. बिहार में अभी महा महा जंगलराज है. अपराधियों का तांडव मचा है, हत्याएं हाे रही हैं. सरकार के अधिकारी ही शराब पीते हैं. थाने से शराब की होम डिलीवरी होती है. पिज्जा की तरह शराब की होम डिलीवरी हो रही है.

बता दें कि अप्रैल 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार में शराबबंदी कानून लागू किया गया था. इस पर प्रतिबंध लगाने के बाद से, विभिन्न शराब त्रासदियों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
Source : News18
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