पटना उच्च न्यायालय ने एक लोकहित याचिका की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस निर्गत किया गया है. नोटिस में न्यायलय ने 18 मई तक सरकार को शपथपत्र दायर करने का निर्देश दिया है,
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता राजीव रंजन स्वयं एवं अधिवक्ता कुन्दन कुमार ओझा आदि ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए बिहार राज्य के विभिन्न कोरेनटाईन सेंटर में व्याप्त कुव्यवस्थाओं उजागर करते हुए अदालत के सामने अपना पक्ष रखा और न्यायालय से कुव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया.

पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय करोल एवं न्यायमूर्ति एस कुमार के बेंच ने सरकार से जिला वार कोरेनटाईन सेंटर की संख्या, उसमें रुके हुए लोगों की संख्या, कितने लोगों को अब तक सेंटर से छुट्टी दी जा चुकी है, आने वाले दिनों में कितने लोगों की सेंटर पर पहुंचने की संभावना है, इन सबका विवरण तथा कोरेनटाईन सेंटर पर शिकायत एवं निवारण प्रणाली की उपलब्धता शपथ पत्र के मध्यम से 18 मई तक देने का निर्देश दिया गया है.
बिहार में कोरेन्टीन सेंटर में बदइंतजामि की ख़बर लगातार आ रही है, कोरेन्टीन सेन्टर में ठहरने वाले लोग सरकारी व्यवस्था की लगातार पोल खोल रहे है, ऐसा हाल में उच्च न्यायालय की आदेश का स्वागत हो रहा है.






