देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू होने के साथ लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि प्राइवेट सेक्टर के ऑफिस में राजधानी पटना में खुल जाएंगे लेकिन रेड जोन में शामिल होने की वजह से फिलहाल पटना में केवल सरकारी दफ्तर की खोलने की इजाजत दी गई है. किसी भी निजी संस्थान को खोलने की अनुमति नहीं दी गई है. यदि ऐसा कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

डीएम कुमार रवि ने बताया कि सरकारी कार्यालयों के जिन कर्मियों के पास अपने वाहन नहीं है. उन्हें लाने के लिए वाहन की व्यवस्था संबंधित विभाग की होगी. डीएम ने बताया कि सभी सरकारी कार्यालय खोल दिए गए हैं. ऐसे में कर्मियों को सोशल डिस्टेंस इनका पालन सख्ती से करने का निर्देश दिया गया है. प्राइवेट संस्थानों को अभी खोला नहीं खोलने का निर्देश दिया गया है. इसे लेकर कुछ संस्थानों में भ्रम की स्थिति थी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया रेड जोन में कोई भी संस्थान दुकान या प्रतिष्ठान बगैर प्रशासन की अनुमति के नहीं खोला जा सकता है. यदि कोई करता है तो उसके खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. हालांकि अनिवार्य सेवा से जुड़े संस्थान खुले रहेंगे.

डीएम ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जारी वाहन पास 17 मई तक मान्य कर दिए गए हैं. नया पास बनाने की जरूरत नहीं है. इस आशय की जानकारी पटना जिले में स्थापित सभी चेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेट को भी दे दी गई है. बगैर पास के संचालित वाहनों पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. हालांकि आदेश अनिवार्य सेवा से जुड़े लोगों पर लागू नहीं है. जिसमें चिकित्सा, पुलिस प्रशासन, मीडिया आदि शामिल है. ऐसे संस्थानों या विभागों में काम करने वालों का पहचान पत्र ही पास के रूप में मान्य होगा.
Input : Live Cities






