उत्तर बिहार में बागमती की मार घटने के बाद अब गंडक तबाही मचाने लगी है। गुरुवार को बूढ़ी गंडक और लखनदेई में भी उफान से कई इलाकों में संकट है। हालांकि अभी बागमती भी पूरी तरह शांत नहीं हुई है। दूसरी तरफ अलग-अलग हिस्सों में डूबने से 16 लोगों की मौत हो गई। सीतामढ़ी में आठ, मुजफ्फरपुर में सात और पूर्वी चंपारण के एक की जान डूबने से गई। डूबकर मरने वालों में मुजफ्फरपुर की सातवीं की छात्रा दो सगी बहनें और सीतामढ़ी की जुड़वा बहनें भी शामिल रहीं। इस बीच बाढ़-कटाव का दंश हजारों विस्थापित झेल रहे हैं। ​

मुजफ्फरपुर में लखनदेई के पानी से घिरे औराई के नौ गांव अभी मुख्यालय से कटे पड़े है। धरहरवा, घनश्यापुर, नयागांव, बभनगामा, रतवारा पूर्वी व पश्चिमी, भलुरा व रामपुर सिमरी आदि के लिए मात्र एक नाव का सहारा है। पारू में गंडक की पेटी में बसे सात पंचायत बाढ़ में घिर गए हैं। गंडक की बाढ़ से निचले इलाके में बसी चक्की सोहागपुर पंचायत पानी की चपेट में आ गई है। इनके अलावा चांदकेवारी, धरफरी, उस्ती, बैजलपुर, जयमल डुमरी व फतेहाबाद व चिंतामनपुर भी आशिंक रूप से बाढ़ से प्रभावित हो गया है।

वहीं जिले के सरैया में वाया नदी में डूबने से गिंजास गांव के अली मियां के बेटे की मौत हो गई। वहीं करजा में चैनपुर के किसान भिखर पासवान की मौत नून नदी में डूबने हो गई। वहीं, आहियापुर थाना के झपहा,नेउरी गांव में पोखर में डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। मृतका 13 वर्षीया रूबीना खातून व 15 वर्षीया मुस्कान खातून दोनों सातवीं की छत्रा थीं। ​उधर, बंदरा प्रखंड में अलग-अलग घटनाओं में दो बहन समेत तीन लोगों की डूबकर मौत हो गई।

पहली घटना में बंदरा में लीची गाछी के सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में डूबने से गांव के स्व. रामरेखा राय के पुत्र राजीव कुमार (36) की मौत हो गई। वहीं शाम में दूसरी घटना प्रखंड के हत्था ओपी के मुन्नी गांव में हुई। यहां वीरेंद्र कुमार यादव की दो बेटियां पोखर में डूब गई। मृत बच्चियों की पहचान रंजन कुमारी (8) व पूजा कुमारी (12) के रूप में हुई है।

Input : Live Hindustan

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