हर घर बिजली योजना के तहत अब बिजली हर घर में पहुंच गई है, घर की बात क्या ! हर मंदिर भी रौशन है, ऐसे में बिहार में लालटेन की जरूरत किसी को नहीं है। ऐसा कहना है जदयू नेता नीरज कुमार।
जहां एक तरफ हर पार्टी सरकार बनाने का दावा कर रही है, अपनी योजनाओं को जनता के बीच रख रही है। ऐसे में नीरज कुमार बयान आया है, जिसमें उन्होनें तेजस्वी यादव के हर घर लालटेन ,हर घर रौशनी पर तंज कसा है।
अपने वक्तव्य को आगे बढाते हुए नीरज कुमार ने कहा, कि आज लालटेन सिर्फ दागियों के घर में ही लालटेन दिखाते है। उसके विरासत को संभाल रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा कि जब बिहार के पास कोयला खदान और अन्य संसाधन थे, तब भी बिहार में बिजली नहीं थी और आज बिहार के हर घर तक बिजली पहुंची है।
2000 के झरोखे से बिजली
जब बिहार और झारखंड एक था उस समय जो ऊर्जा के क्षेत्र में काम किए जाने चाहिए थे। वो 2005 के बाद हुआ है. पहले 27 लाख 56 हज़ार उपभोक्ता थे, लेकिन वर्तमान में 1 करोड़ 42 लाख 64 हज़ार 691 उपभोक्ता हैं। 2005 के ऊर्जा बजट में और आज के ऊर्जा बजट में 271.30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सरकार में आने के तुरंत बाद 8538 करोड़ खर्च कर किसानों को अत्यंत सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध करवाई गई। बिजली की उपलब्धता ने लोगों की सोच बदली है।
किसानों की भी मिली बिजली
किसानों को लेकर आजकल जंग छिड़ी हुई हर पार्टी खुदको इसका हितैषी बनाने में लगी है , वहीं जदयू के नीरज कुमार ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के दौर में भी कृषकों के हित के लिए बिजली की दर में कमी की, जिससे किसानों को लाभ मिला। हमने हर खेत तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य लिया है। अब तक 1 लाख 42 हजार किसानों ने सिंचाई और कृषि संबंधी कर्यों के लिए फीडर लिया है। राज्य सरकार अपने हर उपभोक्ता को सब्सिडी देती है। लेकिन आज यह सुनिश्चित किया गया है कि बिजली की उपलब्धता रहे। आज हर एक गांव को 18 से 22 घंटे और शहरी क्षेत्रों को 20 से 22 घंटे तक बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।






