जमुई. दरअसल कोरोना टीकाकरण को लेकर जमुई में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां 17 साल की एक लड़की को कोरोना का टीका दे दिया गया. टीका लेने के बाद लड़की की तबीयत बिगड़ गई, जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जानकारी के अनुसार लड़की को कोविड का टीका जमुई सदर पीएचसी के केंद्र पर दिया गया है. आधार कार्ड के अनुसार लड़की की जन्म तिथि 6 दिसंबर 2004 है, जिसकी उम्र अभी 17 साल है. उसे शनिवार को कोरोना का वैक्सीन दिया गया था, जिसके बाद रविवार की रात उसकी तबीयत बिगड़ी और फिर उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

बताया जाता है कि लड़की जमुई जिले के सिकंदरा के जगदीशपुर की रहने वाली है, जो जमुई में रहकर कौशल युवा कार्यक्रम के तहत कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर की ट्रेनिंग ले रही है. पीएचसी की इस लापरवाही से लड़की के परिजन भी हैरान और परेशान हैं.

एक दिन बाद बिगड़ी लड़की की तबीयत
पूरे मामले को लेकर बीमार लड़की ने बताया कि कुछ महीने पहले भी वह कोविड का टीका लेने केंद्र पर गई थी तो उसे कम उम्र कहकर कोविड का टीका नहीं दिया गया था, जहां मैं रहकर प्रशिक्षण ले रही हूं वहां सभी को टीका लेने के लिए कहा गया है. यही कारण है कि वह शनिवार को वैक्सीन लेने के लिए गई तो उसे वहां टीका दे दिया गया, जिसके बाद रविवार की शाम से तबीयत बिगड़ने लगी फिर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.

स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ होगी जांच
वहीं इस मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ नौशाद अहमद ने बताया कि आधार कार्ड के अनुसार लड़की की उम्र 17 साल है, फिर भी उसे कोविड का टीका दिया गया, यह एक चूक है. टीकाकरण केंद्र के स्वास्थ्यकर्मी को ध्यान देना चहिए था, इस लापरवाही को लेकर जांच की जाएगी.
बता दें, कोरोना गाइडलाइन के तहत फिलहाल भारत में 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को ही कोरोना का टीका देना का प्रावधान है. लेकिन, इसके बावजूद भी इस तरह की लापरवाही को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सवाल उठने लगे हैं.
Source : News18
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