बिहार में पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का संकल्प जारी कर जिलों को इसकी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पुनर्गठन को लेकर एक्ट के अनुसार किन बातों को ध्यान में रखना है, इसको लेकर दिशा-निर्देश भी दिया है। नगर निकायों में जिन ग्राम पंचायतों का कुछ हिस्सा चला गया है, उन्हीं का पुनर्गठन किया जाना है। ऐसी करीब 200 ग्राम पंचायतें राज्य में हैं।

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जिलों को जारी आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायत का मुख्यालय वहां होगा, जिस गांव की जनसंख्या सबसे अधिक होगी। परंतु उक्त क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों की संख्या उक्त क्षेत्र की कुल जनसंख्या के 50 प्रतिशत से अधिक हो तो उसका मुख्यालय वह गांव होगा, जिसमें उक्त तीनों जातियों की संख्या का अनुपात सबसे अधिक हो। विभाग ने यह भी साफ किया है कि किसी गांव को विभक्त नहीं किया जाएगा, जबतक की उसमें दो या दो से अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्र घोषित करना आवश्य नहीं हो। नगर निकाय से प्रभावित ग्राम पंचायत का मुख्यालय अगर कट कर निकाय में नहीं गया है तो उसी नाम से पंचायत का पुनर्गठन होगा। ग्राम पंचायत का निर्धारण प्रखंड के उत्तर-पश्चिम से प्रारंभ होकर दक्षिण-पूर्व में समाप्त होगा।

Source : Hindustan

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