बिहार के नौ मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कोरोना संक्रमण की जांच को लेकर दो-दो आरटी पीसीआर मशीनें लगाई जाएंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इनका चयन आरटी-पीसीआर मशीनें लगाने के लिए किया है। इन मशीनों के लगने के बाद कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच में और भी तेजी आएगी। अभी राज्य में औसतन सात हजार सैम्पल की कोरोना जांच आरटी-पीसीआर मशीन से की जा रही है। राज्य सरकार ने आरटीपीसीआर से 20 हजार सैम्पल जांच प्रतिदिन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इन मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में लगेंगीं मशीनें
जानकारी के अनुसार पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पटना, नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पटना, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, भागलपुर, दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दरभंगा, श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मुजफ्फरपुर, पावापुरी मेडिकल कॉलेज, नालन्दा, राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेतिया और कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मधेपुरा में दो-दो आरटी-पीसीआर मशीनें लगेंगी।
तीन जिला अस्पतालों में भी लगेंगी आरटी-पीसीआर मशीन
स्वास्थ्य विभाग ने इनके अतिरिक्त तीन जिला स्तरीय अस्पताल में भी आरटीपीसीआर मशीन लगाने का निर्णय लिया है। इनमें मुंगेर, पूर्णिया व मोतिहारी के जिला अस्पताल शामिल हैं।
बिहार में अभी 11 आरटी-पीसीआर मशीनें हैं
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार पटना मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (पीएमसीएच) में एक, पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) में दो, मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) में दो, गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एएनएमसीएच) में एक और दरभंगा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (डीएमसीएच) में एक आरटी-पीसीआर मशीनें हैं। वहीं, पटना स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट और एम्स में दो-दो मशीनें हैं।
‘बिहार को केंद्र सरकार से 12 आरटीपीसीआर मशीन मिलने वाली हैं, जबकि राज्य सरकार 10 नई मशीनें खरीद कर लगाने जा रही है। इसके लिए स्थल चयन का निर्णय हो चुका है। जल्द मशीनों से जांच शुरू होगी।’– मंगल पांडेय, मंत्री, स्वास्थ्य विभाग, बिहार
Source : Hindustan






