पटना. कुछ महीने बाद अगर आप बिहार के किसी भी थाने में जाएंगे तो आपको हर थाने के बाहर पीपल और बरगद के पेड़ नजर आ सकते हैं. यही नहीं बिहार में जितने भी क़ब्रिस्तान हैं वहां भी उसकी बाउंड्री के चारों तरफ हरे भरे पौधे लगाए जाएंगे, ताकि कब्रिस्तान भी चारों तरफ़ से सुरक्षित रहे. साथ ही हरा-भरा रहे. ताकि जो लोग अपने रिश्ते नातेदार के देहांत के बाद कब्रिस्तान में दफनाने आएं, उन्हें बैठने के लिए हरा भरा वातावरण भी मिले. इसकी शुरुआत खुद शाहाबाद के कब्रिस्तान से वन पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार बबलू करेंगे. जहां का कब्रिस्तान बिहार के सबसे बड़े कब्रिस्तान के रूप में भी जाना जाता है. यह लगभग 85 एकड़ में फैला हुआ है.

बिहार के वन पर्यावरण मंत्री नीरज कुमार बबलू ने न्यूज 18 को बताया कि बिहार में बंटवारे के बाद हरित आवरण सिर्फ 9 फीसद रह गया था, जो जल जीवन हरियाली अभियान के बाद बढ़ कर पंद्रह प्रतिशत हो गया है. आने वाले छह माह में बिहार सरकार ने पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है. ताकि हरित आवरण 15 से बढ़ कर 17 प्रतिशत हो जाए. सरकार की कोशिश है कि वैसे पौधे ज्यादा लगाए जाएं जो ऑक्सीजन अधिक देते हैं.

थानों में भी लगेंगे पौधे
पूर्व पुलिस अधिकारी रामनरेश सिंह कहते हैं कि थाना परिसर में हरे भरे पेड़ खासकर पीपल और बरगद के पेड़ लगने से ना सिर्फ़ हरियाली बढ़ेगी. बल्कि लोगों के बैठने के का आसरा भी बन जाएगा. जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने वन पर्यावरण मंत्रीकी इस पहल का स्वागत किया है और कहा कि क़ब्रिस्तान का हरा भरा होना बहुत अच्छी बात है और इस्लाम में पेड़ पौधे लगाना अच्छा कहा गया है.
Source : News18
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