पटना. जब भी हम भोजपुरी शब्द सुनते हैं तो कुछ अश्लीलता का भाव आता है इस भाषा के बारे में। लेकिन भोजपुरी ऐसी नहीं है। ऐसी रेपुटेशन एक फिल्म तबके की वजह से है। लेकिन सामाज में बदलाव भी तेज़ी से हो रहे है। रविवार 14 फरवरी को पटना में 20 वर्षीय युवा सिद्धांत सारंग ने दुनिया का पहला भोजपुरी पॉडकास्ट ‘धरती मैया’ लांच किया। यह पॉडकास्ट जलवायु परिवर्तन पर आधारित है। लॉन्चिंग के मुख्य अतिथि डॉ. अतुल आदित्य पांडेय थे, जो पटना साइंस कॉलेज के जियोलॉजी डिपार्टमेंट का विभागाध्यक्ष हैं। डॉ. अतुल ने कहा कि ग्लोबल समस्या का लोकल निदान होना जरुरी है। जलवायु परिवर्तन की समस्या सबसे ज्वलंत है और इसका निदान युवाओं को द्वारा हो, इस से अच्छी बात और क्या हो सकती है। मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक प्रदीप मिश्रा भी मौजूद थे। उन्होंने अपनी ओर से पर्यावरण पर एक गीत की पेशकश की। यह पॉडकास्ट स्पॉटीफी, जिओ सावन, गूगल पॉडकास्ट, एप्पल पॉडकास्ट सहित तमाम ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर आएगा।

क्यों ख़ास है ये पॉडकास्ट?
इस पॉडकास्ट के बारे में कुछ अहम् चीज़े हैं जो इसे बेहद ख़ास बनता है। सिद्धांत कहना है कि हम इंग्लिश में क्लाइमेट चेंज के बारे में बात करके हीरो जरूर बन सकते हैं, लेकिन असल में जिन लोगों तक ये बात पहुंचनी चाहिए, वो नहीं पहुँच पाती है। भोजपुरी का चुनाव इसलिए किया गया कि समाज में अंतिम पांति में खड़ा आदमी भी समझ सकता है। इस से क्लाइमेट चेंज के जागरूकता का दायरा बढ़ेगा। साथ-हीं-साथ भोजपुरी की गन्दी प्रतिष्ठा को भी बदलने का प्रयास भी किया गया है। भोजपुरी भी समाज में परिवर्तन का माध्यम भी बन सकता है। इस पॉडकास्ट के निर्माण में रेडियो मिर्ची के आर. जे. अपूर्व का बेहद अहम योगदान रहा। अपूर्व इस पॉडकास्ट का साउंड डिज़ाइन देख रहे हैं। साथ ही साथ स्क्रिप्टिंग में भी उनकी भूमिका है।

कौन हैं सिद्धांत?
सिद्धांत सारंग मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं। वो अभी दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक कर रहे हैं। सिद्धांत बचपन से हीं जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे हैं। उन्हें 2019 में इंग्लैंड का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। और उन्होंने लंदन के इंटरनेशनल समिट में भारत का प्रतिनिधत्व भी किया था।








