राज्य के सुदूर और ग्रामीण इलाकों के थाने भी आनलाइन चरित्र प्रमाणपत्र जारी कर पाएंगे। इसके लिए सुदूर ग्रामीण इलाकों के थानों को भी इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। जहां कनेक्शन है और नेटवर्क की समस्या के कारण काम नहीं हो पा रहा है, वहां व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। इसके लिए गृह विभाग की ओर से बेल्ट्रान के प्रबंधन निदेशक को पत्र लिखा गया है।

राज्य में सर्विस प्लस पोर्टल के माध्यम से हाल ही में आनलाइन चरित्र प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की सेवा शुरू की गई है। गृह विभाग की समीक्षा के दौरान पाया गया कि इसमें कई जगह तकनीकी परेशानी भी आ रही है। वैसे आवेदक जिनके विरुद्ध थानों में प्राथमिकी दर्ज है उनका आवेदन सर्विस प्लस पोर्टल पर अस्वीकृत कर दिया जा रहा है, जबकि आफलाइन व्यवस्था में ऐसे आवेदकों को थाने में उनके विरुद्ध दर्ज धाराओं को अंकित करते हुए प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाता था। इस ¨बदु पर डीजीपी के स्तर से निर्णय लिया जाना है। इसी तरह आनलाइन व्यवस्था में जिलों के ऐसे सर्कल थानों को भी पोर्टल पर अंकित कर दिया गया है, जहां चरित्र सत्यापन का काम नहीं किया जा रहा। ऐसे में उन आवेदनों को सर्कल थानों से हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही पोर्टल पर अंकित थानों व ओपी की सूची का मिलान कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

गृह विभाग ने की समीक्षा, आनलाइन प्रमाणपत्र जारी करने में आ रहीं तकनीकी समस्याओं को दूर करने का निर्देश
आज जिलों को मिलेगा प्रशिक्षण
आनलाइन चरित्र प्रमाणपत्र बनाने को लेकर शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से सभी जिलों को जोड़ा जाएगा। इसमें प्रमाण पत्र बनाने में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान के साथ सेवा का फीडबैक भी लिया जाएगा।
Source : Dainik Jagran





