पटना. राजद सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर आने के बाद नीतीश सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं. आज फिर उन्होंने अंग्रेजी दैनिक एक अखबार की खबर को हमला करने के अवसर में तब्दील कर लिया. उन्होंने अपने निजी ट्विटर हैंडल से इस दैनिक की एक खबर का लिंक साझा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को व्यंग्यपूर्ण बधाई दी है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा ‘बधाई हो! आख़िरकार 16 वर्षों की बिहारनाशक मेहनत से नीतीश ने बिहार को नीचे से टॉप करा ही दिया।’
बधाई हो! आख़िरकार 16 वर्षों की बिहारनाशक मेहनत से नीतीश ने बिहार को नीचे से टॉप करा ही दिया।https://t.co/mx8WT99uoI
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) June 3, 2021
दरअसल, आज एक अंग्रेजी दैनिक ने छापा कि नीति आयोग के एसडीजी (Sustainable Development Goals) इंडिया इंडेक्स 2020-21 में केरल सबसे अव्वल रहा जबकि बिहार का प्रदर्शन बेहद खराब. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इस खबर का लिंक अपने ट्विवटर हैंडल पर शेयर करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसके लिए बधाई दे डाली. उन्होंने बताया कि नीतीश ने 16 वर्षों तक जो मेहनत की है वह बिहारनाशक साबित हुई.

अपने इस ट्वीट से कुछ दिन पहले भी लालू ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला था. तब उन्होंने बिहार की स्वास्थ्य सुविधा पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया था, जिसमें सीएम नीतीश कुमार के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग की थी. लालू प्रसाद यादव ने अपने ट्वीट में मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड के उपस्वास्थ्य केंद्र की बदहाली की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि ऐसे सैकड़ों स्वास्थ्य केंद्र बंद कराने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने अपने इस ट्वीट में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को भी नोबेल पुरस्कार देने की मांग की थी. 25 मई को भी लालू प्रसाद यादव ने कैमूर के रामगढ़ के दुर्गावती स्थित मचखिया के बदहाल प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र की बदहाली से संबंधित ट्वीट शेयर करते हुए लिखा था कि बिहार में यथार्थ में बंद पड़े और सरकार की फाइलों में संचालित ऐसे हजारों स्वास्थ्य केंद्र नीतीश कुमार की विफलता के स्मारक हैं.
आपको बता दें कि अपने चुटीले अंदाज से हमला करने के लिए लालू यादव विशेष रूप से पहचाने जाते हैं. साथ ही लालू यादव की पहचान पिछड़ी जाति के मसीहा नेता के रूप में भी रही है. पिछड़ी जाति के विधायकों को गोलबंद करने की लालू की क्षमता से राजनीतिक पार्टियां खूब परिचित हैं. शायद यही वजह है कि उनके जेल से बाहर आने के बाद अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया है और इस बीच लालू यादव के ट्वीटों ने भी इन अटकबाजियों को हवा दी है.
Source : News18







