मौसम विभाग ने बिहार में 30 जून से 2 जुलाई के बीच भारी से अति भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसका अधिक प्रभाव उत्तरी बिहार में खासकर हिमालय की तलहटी से सटे राज्य के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश वर्षा की संभावना बनी है। इसके साथ राज्य के अनेक स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट किया गया है।

बिहार के लगभग हर जिले में बादल छाए हुए हैं, पश्चिमी भागों में तो घने बादल हैं। सतह से 3 किमी ऊपर तक पश्चिमी हवा का प्रभाव है। मानसून की रेखा अपने तय स्थान से उत्तर की ओर बढ़ रही है। गंगा के मैदानी क्षेत्रों और मध्य भागों से शुष्क पछुआ हवा और आद्र पूर्वी हवा का प्रभाव बढ़ रहा है। उत्तरी बिहार में नमी युक्त हवाओं के जोर पकड़ने की संभावना है। इस मौसमी सिस्टम को आधार बताते हुए यह अलर्ट जारी हुआ है।

कटिहार में सबसे अधिक बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य बना है। दक्षिण-पश्चिम भाग में एक से दो स्थानों पर उत्तर पश्चिम में कुछ स्थानों पर मध्य भाग और दक्षिण पूर्व भाग में कई स्थानों पर और बिहार के उत्तर पूर्व भाग में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई। इस दौरान शेखपुरा में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इस दौरान सबसे अधिक 110MM बारिश कटिहार के मनिहारी में दर्ज की गई है। मनिहारी में 11, मौनाहा 9, कटिहार उत्तर और दरभंगा 8, सिरमढ़ी वैरगनिया 7, निर्मली 6, महेशह, बहादुरगंज, मधवापुर एवं बगहा में 5-5 MM बारिश हुई। शेरघाटी एवं ढैग पुल में 4MM बारिश हुई है। अगले 24 घंटे में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी।
ट्रफ रेखा से बदल रहा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक समुद्र के स्तर पर एक ट्रफ पूर्वी उत्तर प्रदेश से बिहार और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल होते हुए पूर्वोत्तर असम तक फैला हुआ है। बिहार में अभी तक मानसून की प्रगति अपने सामान्य से अधिक है। इस समय मानसून की सक्रियता दक्षिण बिहार की अपेक्षा उत्तरी बिहार में अधिक देखने को मिल रही है। हालांकि बिहार में 24 घंटे में मानसून पूरी तरह से सामान्य रहा। इस दौरान प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। इस कारण से 30 जून से 2 जुलाई तक बारिश की संभावना बनी हुई है।
Source : Dainik Bhaskar






