कोरोना काल में बंद हुए स्कूल और कोचिंग संस्थानों को खोलने को लेकर बिहार सरकार ने फैसला ले लिया है. अब 28 सितंबर को बिहार के स्कूल खोलने का फैसला लिया जाएगा.इस मीटिंग में 9 वीं से 12वीं क्सास तक के स्कूलों को खोलने का फैसला लिया गया है.

आपको बता दें कि 14 मार्च से बिहार के शैक्षणिक संस्थान बंद हैं. सरकारी और निजी स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को लेकर यह फैसला लिया गया है. खबर के मुताबिक शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने आज एक बैठक बुलाई थी. इस बैकक में यह फैसला लिया गया है.

मीटिंग में यह फैसला लिया गया है कि सभी स्कूलों को कोविड प्रोटोकॉल का ख्याल रखना होगा. इसके साथ ही सप्ताह में एक बच्चे दो ही दिन जा सकेंगे. इसके साथ ही मीटिंग में यह फैसला लिया गया है कि स्कूल जाने का फैसला बच्चे उनके अभिभावक पर निर्भर करेगा. सरकार के मुताबिक स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में ही सभी स्कूलों के खोलने पर फैसला लिया गया है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल नर्सली से लेकर 8वीं तक की कक्षा को बंद रखने का निर्णय लिया गया है.
छात्रों के लिए गाइडलाइन –
– स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें
– अपने पेन, पेंसिल, कॉपी, किताबें आदि किसी से साझा नहीं करें
– प्रैक्टिकल क्लासेस अभी नहीं होगी
– स्कूल में इधर उधर नहीं घूमें
– मास्क लगाकर स्कूल परिसर में रहें
– सेनेटाइजर साथ में रखें
इन लोगों को नहीं मिलेगा प्रवेश –
– बुर्जुग शिक्षक या बुर्जुग स्टॉफ को नहीं बुलाया जायेगा
– क्वारंटाइन जोन वाले इलाके के छात्र और शिक्षक नहीं आएंगे स्कूल
– सर्दी जुकाम वाले छात्रों को आने की मंजूरी नहीं
– एलर्जी का लक्ष्ण वाले शिक्षक स्कूल नहीं आएंगे
– जिन शिक्षक या छात्र के परिवार या आसपरोड़ में किसी को कोरोना हुआ है तो वो नहीं आयेंगे
स्कूलों में ये है तैयारी –
– स्कूल परिसर को कई बार सेनेटाइज किया गया है
– स्कूल में प्रवेश के हर गेट को खोला जायेगा
– क्लास के अंदर छह फीट की दूरी पर बेंच लगायी जाएगी
– एक समय में एक सेक्शन के दस बच्चे को ही बुलाया जायेगा
– एक कक्षा में पांच से छह बच्चे ही बैठेंगे
– मास्क लगा कर नहीं आने वाले बच्चों को मास्क देकर ही स्कूल में प्रवेश मिलेगा
– आक्सीजन लेवल जांचने के लिए आक्सीमीटर रहेगा




