बिहार सरकार ने इस कोरोनाबंदी (Corona Lockdown) में किसानों को कोई दिक्कत ना हो  इसको लेकर तत्परता दिखाई है. बिहार सरकार के सहकारिता विभाग (Cooperative Department of Government of Bihar) की तरफ से इस साल कई योजनाओं में किसानों को छूट दी गई है. विभाग ने किसानों की सहूलियत के लिए धान अधिप्राप्ति की तिथि जो 31 मार्च तक होती है, उसे बढ़ा कर 30 अप्रैल तक किया गया.

धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1815

धान अधिप्राप्ति का सांकेतिक लक्ष्य 30 लाख मेट्रिक टन है, जिसके विरुद्ध अभी तक लगभग 18 लाख मेट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की जा चुकी है. धान अधिप्रति का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1815 रु प्रति क्विंटल है. धान अधिप्राप्ति की तिथि भी 30 अप्रैल तक कर दी गई है.

सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह के मुताबिक धान अधिप्राप्ति में बिहार इस बार अबतक के सारे रिकॉर्ड को तोड़ेगा. वहीं, गेहूं अधिप्राप्ति की तिथि 15 अप्रैल से 15 जुलाई तक रखा गया है. गेहूं अधिप्राप्ति का सांकेतिक लक्ष्य 2 लाख मेट्रिक टन से बढ़ा कर 7 लाख मैट्रिक टन किया गया है, जिससे किसानों को काफी सहूलियत होगी.

गेहूं खरीद की लिमिट हुई समाप्त

सहकारिता विभाग इस दौरान जितना भी गेहूं विभाग को देना चाहते है दे सकते है. किसान अपना गेहूं पैक्सों के माध्यम से दे  सकते हैं. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य  1925 रु प्रति क्विंटल रखा गया है. जो कि पिछली बार से ज्यादा है.

अब फसल सहायता योजना से मिलेगी मदद
सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस बार 22 सौ पंचायतों में फसल का नुकसान हुआ है. 2 लाख 97 हजार 240 को पहले फेज से सहायता की जाएगी. इसके तहत पहले जो फसल बीमा होता था, उसे बदलकर फसल सहायता योजना के तहत किसानों को मदद दी जा रही है.

सहकारिता विभाग ने खरीफ 2019 फसल सहायता योजना के तहत 2 लाख 97 हजार 240 किसानों के खाते में 215.16करोड़ रुपया DBT  के माध्यम से हस्तांरित किया है. बाकी किसानों को चिन्हित किया जा रहा है.

ये राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना और आपदा विभाग के से दी जाने वाली राशि से अलग की होगी. बाकी की योजनाओं का लाभ पीड़ित किसानों को अलग से दिया जाएगा.

Input : News 18

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