अगर गठबंधन की मजबूरियों की वजह से ‘सुशासन बाबू’ बीजेपी के विधायक को कुछ नहीं कह पा रहे हैं. उनपर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं तो अधिकारी को संस्पेंड करने से उनकी छवि पर लगे दाग़ धूलने वाले नहीं हैं.
नीतीश कुमार का ही दूसरा नाम है, सुशासन बाबू. इसे उनका निक नेम कह सकते हैं. नीतीश कुमार की छवि साफ़-सुथरी है. वो सक्षम प्रशासक भी माने जाते हैं. लालू-राबड़ी को हराकर नीतीश कुमार जब पहली बार बिहार की कुर्सी पर क़ाबिज़ हुए थे तो जलवा ही अलग था. धीरे-धीरे वक़्त गुज़ारा. इकबाल में कमी आने लगी. नीतीश कुमार आज भी राज्य के मुखिया हैं लेकिन वो पुरानी बात नहीं है.

बिहार की हर बड़ी समस्या के वक्त जनता ने अपने मुख्यमंत्री को ख़ुद से दूर पाया. वो आखिर वक्त तक फैसले टालते रहे. जब बहुत किरकिरी होने लगी तो कुछ करते हुए दिखे. नीतीश कुमार आज भी सोशल मीडिया को बेकार की चीज़ मानते हैं. कोरोना की वजह से जब पूरे देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा तो देश के अधिकतर मुख्यमंत्रियों ने ख़ुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभाल लिया लेकिन नीतीश कुमार आखिर तक ऐसा नहीं कर सके.

ख़ैर, ये सब तो बिहार पहले भी देख चुका है. झेल चुका है. चमकी बुखार के वक्त. पटना जब डूबने लगा था तब. आज-कल में एक नई बात हुई है. नीतीश कुमार के कुशल प्रशासक की छवि पर एक गहरा दाग़ लगा है. ये अलग बात है कि इस दाग़ को वो एक अधिकारी के निलंबन और एक ड्राइवर से किए गए सवाल-जवाब से धोना चाहते हैं.
लेकिन दाग़ यूं आसानी से कहां धुल पाते हैं? ख़ासकर आज के ज़माने में जब सोशल मीडिया कथित मुख्यधारा की मीडिया से ज़्यादा शक्तिशाली होता जा रहा है. सोशल पर लोग नीतीश कुमार से ख़ूब सवाल कर रहे हैं. उन्हें, उन्हीं के ‘सुशासन बाबू’ वाली छवि की दुहाई दी जा रही है.

लॉकडाउन की वजह से बिहार सहित देश के कई राज्यों के छात्र कोटा में फंसे हुए हैं. वो हर सम्भव माध्यम का इस्तेमाल करके बता रहे हैं कि वहां परेशान हैं, घर आना जाना चाहते हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इच्छा ज़ाहिर की थी कि इन छात्रों को राज्य बुला सकते हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लगभग तीन सौ बसें भेजकर कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को बुला लिया. इसके बाद तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आग-बबूला ही हो गए. उन्होंने लॉकडाउन का हवाला दिया. इसे ख़तरनाक बताया.
लेकिन इसी सब के बीच में बिहार बीजेपी के नेता और हिसुआ से विधायक अनिल कुमार ने गाड़ी पास बनवाकर अपनी बेटी को कोटा से बिहार बुलवा लिया. विधायक जी की बेटी लॉकडाउन में कोटा से घर आ गयी और गाड़ी के लिए बनवाया गया पास सोशल मीडिया पर आ गया. हल्ला-हंगामा शुरू हुआ. देखते ही देखते गाड़ी का पास वायरल हो गया. अब किसी पर तो कार्रवाई होनी ही थी? सुशासन को बचाने की जिम्मेदारी किसी को ही लेनी पड़ती. ख़ैर, बहुत खोज-परख के बाद गाड़ी के ड्राइवर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और विधायक जी को जिस अधिकारी ने पास दिया था उसे सस्पेंड कर दिया गया.

सोचिए, ये सुशासन का कैसा दौर है? कैसी हुकूमत है कि गाड़ी चलाने वाले गाड़ीवान से जवाब तलब किया जा रहा है. पास जारी करने वाले अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया लेकिन जिन विधायक जी ने पास बनवाया. लॉकडाउन के बीच में अपनी बेटी को बुलवाया उनके ख़िलाफ़ किसी ने एक शब्द तक नहीं कहा. ख़ुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक ने विधायक को कुछ नहीं कहा.
उल्टे विधायक जी ने कहा था कि उन्होंने कुछ भी ग़ैरक़ानूनी नहीं किया. अगर उन्होंने कुछ भी ग़ैरक़ानूनी नहीं किया तो पास जारी करने वाले अधिकारी को क्यों सस्पेंड किया गया. ड्राइवर से सवाल-जवाब करने का क्या मतलब है? अगर सरकार को कुछ करना ही है तो विधायक जी से सवाल-जवाब करे.
उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करे. अगर गठबंधन की मजबूरियों की वजह से ‘सुशासन बाबू’ बीजेपी के विधायक को कुछ नहीं कह पा रहे हैं. उनपर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं तो अधिकारी को संस्पेंड करने से उनकी छवि पर लगे दाग़ धूलने वाले नहीं हैं.

राज्य में कोरोना का ताजा हाल
कोरोना वायरस जांच के लिए भेजे गये सैंपल की बुधवार को आयी रिपोर्ट में 10 नये लोगों में संक्रमण पाया गया है. बिहार में 10 और लोगों में कोरोना संक्रमण मिलने से संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 136 हो गयी. इनमें राजधानी पटना में आठ, नालंदा के एक और पूर्वी चंपारण के एक मामले सामने आये हैं.
देश में कोरोना का ताजा हाल
देश में इस खतरनाक वायरस के अब तक कुल लगभग 19,984 मामले आ चुके हैं. इस बीमारी से 3,870 लोग ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. यह जानलेवा बीमारी देश में अब तक सरकारी आंकड़े के अनुसार, 640 लोगों की जान ले चुका है.
दुनिया में कोरोना का ताजा हाल
स वायरस से अब तक एक लाख 70 हजार से ज्यादा जानें जा चुकी हैं और 24 लाख 80 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. जबकि छह लाख 46 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में मृतकों की संख्या 42 हजार को पार कर गई है और सात लाख 92 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं.
Input : Asia Ville



